Dhanbad : धनबाद जिले के सोनारडीह स्थित टंडावाडी बस्ती में लगातार हो रहे भू-धंसान से बस्तीवासी दहशत में हैं. महज 23 दिनों के भीतर (31 मार्च, 22 अप्रैल और 23 अप्रैल) तीन बार हुई भू-धंसान की घटना ने पूरी बस्ती को तबाह कर दिया. जहां कभी 700 से 1000 लोगों की आबादी रहती थी वहां अब जमींदोज घरों के मलबे और जमीन में पड़ी गहरी दरारें ही नजर आ रही हैं.
निरसा विधायक अरूप चटर्जी व धनबाद के पूर्व मेयर चन्द्रशेखर अग्रवाल ने टंडावाडी पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. कई परिवार अब भी घटनास्थल के आसपास ही किसी तरह खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं और अपने बचे-खुचे सामान की देखभाल कर रहे हैं.
प्रभावित लोगों ने बीसीसीएल व जिला प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई. उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है. दिन में सिर्फ एक बार भोजन मिल रहा है. शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. हालात इतने खराब हैं कि बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेजना पड़ा है. पूर्व मेयर चन्द्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल इस क्षेत्र से करोड़ों रुपये का कोयला निकालता है. प्रभावित लोगों को उनकी इच्छा अनुसार सुरक्षित स्थान पर बसाना उसकी जिम्मेदारी है.
विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि टंडावाडी की स्थिति बेहद चिंताजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों ने न तो क्षेत्र का दौरा किया है और न ही प्रभावितों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है.विधायक ने प्रशासन से तत्काल राहत, उचित मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की.
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