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धनबादः खनन क्षेत्र में सुरक्षा सर्वोपरि, नई तकनीक से रुकेंगी दुर्घटनाएं- शोभा करंदलाजे

समारोह का उद्घाटन करतीं केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री.

DGMS के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री

 
Dhanbad : खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने अपनी गौरवशाली यात्रा के 125 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर डीजीएमएस, धनबाद में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे शामिल हुईं. उन्होंने कहा कि सरकार के लिए माइनिंग से पहले ह्यूमन सेफ्टी (मानवीय सुरक्षा) सर्वोपरि है. नई तकनीक के इस्तेमाल से खदानों में दुर्घटनाएं रुकेंगी. 

 

केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि देश में लागू होने वाले चार नए श्रम कानूनों के बाद डीजीएमएस की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं. नए लेबर कानून में विशेष रूप से समय पर वेतन, स्वास्थ्य सुविधाएं व पेंशन सुनिश्चित करना और खनन के दौरान जोखिम को कम करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना है. साथ ही खनन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. इससे इस क्षेत्र में लैंगिक समानता आएगी. सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हितों और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए भी ठोस कदम उठा रही है.

 

टेक्नोलॉजी से मिलेगी 'मिशन जीरो हार्म' को मजबूती

सुरक्षित खनन के लिए आधुनिक तकनीक की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि अब माइनिंग में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), ड्रोन और रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों का समावेश किया जा रहा है. इसके लिए हमें टेक्नोलॉजी को और इम्प्रूव करना होगा. शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को पाने के लिए आधुनिक संसाधन ही सबसे बड़ा हथियार हैं. आज डीजीएमएस जिस मुकाम पर खड़ा है वहां सुरक्षा और उत्पादन के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है. मिशन जीरो हार्म के संकल्प के साथ विभाग अब भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रहा है.


आयात पर निर्भरता से बढ़ी सोने की कीमत


बढ़ती सोने की कीमतों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि भारत अपनी जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. जिसके कारण कीमतें उच्च स्तर पर हैं. सरकार अब देश के भीतर सोने के नए भंडारों की खोज और खनन के प्रयासों को तेज करने पर विचार कर रही है.

 

DGMS की 125 वर्षों की विरासत: नया लोगो और थीम सॉन्ग लॉन्च

1902 में स्थापित डीजीएमएस ने अपने 125वें स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए कई नई पहल की हैं. इस मौके पर संस्थान की नई पहचान के रूप में आधुनिक लोगो का अनावरण किया गया. 125 साल के सफर को दर्शाने वाली एक विशेष वीडियो क्लिप व प्रेरणादायक थीम सॉन्ग भी जारी किया गया. संस्थान के गौरवशाली इतिहास व उपलब्धियों को समेटे हुए एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया.


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