- मुआवजा और विस्थापन की उठी मांग
Dhanbad : केन्दुआडीह क्षेत्र में लगातार हो रही भू-धंसान और गैस रिसाव की घटनाओं से परेशान रैयतों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने गुरुवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय सत्याग्रह कर अपनी आवाज बुलंद की. इस दौरान प्रभावित लोगों ने सुरक्षित विस्थापन और उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन और बीसीसीएल के खिलाफ नाराजगी जताई.
सत्याग्रह में बड़ी संख्या में रैयत, मजदूर और स्थानीय लोगों के साथ निरसा विधायक अरूप चटर्जी और आजसू जिला अध्यक्ष मंटू महतो भी मौजूद रहे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से क्षेत्र में जमीन धंसने और जहरीली गैस के रिसाव की घटनाएं हो रही हैं जिससे लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है. बावजूद इसके न तो जिला प्रशासन और न ही बीसीसीएल की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है.
वहीं, अरूप चटर्जी ने प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए उनके हक की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. उन्होंने मौके से ही उपायुक्त और बीसीसीएल के सीएमडी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी दी और जल्द समाधान निकालने की मांग की.
साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने और रैयतों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए वे लगातार प्रयास करेंगे.
आजसू जिला अध्यक्ष मंटू महतो ने कहा कि केन्दुआडीह की जनता कई महीनों से भू-धंसान और गैस रिसाव की समस्या से जूझ रही है. इसके कारण न सिर्फ रैयत बल्कि वर्षों से वहां रह रहे मजदूर और छोटे व्यवसायी भी प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और बीसीसीएल इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे. उनका कहना है कि यह सिर्फ मुआवजे का नहीं बल्कि जीवन और सुरक्षा का सवाल है जिसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
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