Dhanbad : सोने–चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों और कारीगरों के सामने उत्पन्न आजीविका संकट को लेकर स्वर्णकार कारीगर संघ ने गुरुवार से रणधीर वर्मा चौक पर दो दिवसीय निर्जला उपवास अनशन शुरू कर दिया है.संघ का यह आंदोलन गोल्ड कंट्रोल एक्ट एवं एक्साइज ड्यूटी लागू करने, सोना–चांदी को शेयर मार्केट से बाहर रखने और कारीगरों और व्यापारियों के हितों की रक्षा की मांग को लेकर किया जा रहा है.
स्वर्णकार कारीगर संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में गोल्ड कंट्रोल एक्ट और एक्साइज ड्यूटी लागू नहीं होने के कारण दूसरे राज्यों से रेडीमेड आभूषणों की अवैध तस्करी हो रही है. इससे स्थानीय कारीगरों को काम मिलना मुश्किल हो गया है और देशभर के लाखों गरीब स्वर्णकार परिवार आर्थिक संकट व भूखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं.
संघ के अनुसार, हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि यदि समय रहते सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो कई कारीगर परिवारों को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. आंदोलन के माध्यम से सरकार और आम जनता का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जा रहा है.
स्वर्णकार कारीगर संघ ने मांग की है कि सोना–चांदी पर गोल्ड कंट्रोल एक्ट दोबारा लागू किया जाए,, एक्साइज ड्यूटी बहाल की जाए, अवैध आभूषण तस्करी पर रोक लगे और कारीगरों के हितों की रक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए.
धरना स्थल पर पूर्व मेयर सह मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल भी पहुंचे और आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि कभी कहा जाता था कि बड़े व्यवसायी छोटे दुकानदारों को खत्म कर देंगे. आज वही सच्चाई सामने है. बड़े कॉरपोरेट घरानों के कारण गली–मोहल्लों की सोना-चांदी की छोटी दुकानें धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही हैं. उन्होंने पीएम मोदी ने इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता दिखाने और शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की.

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