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Dhanbad : मैथन डैम का जलस्तर घटा, पर्यटन कारोबार पर पड़ा असर, नाविकों-दुकानदारों की बढ़ी चिंता

Dhanbad : जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित मैथन डैम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जलराशि और पर्यटन गतिविधियों के लिए पूरे वर्ष पर्यटकों को आकर्षित करता है. लेकिन इन दिनों डैम का जलस्तर लगातार घटने से यहां का नजारा पूरी तरह बदल गया है. जलस्तर में आई भारी गिरावट का असर न सिर्फ पर्यटन पर पड़ा है बल्कि इससे जुड़े सैकड़ों स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित होने लगी है.

 

जानकारी के अनुसार मानसून से पूर्व डैम में मरम्मत और रखरखाव कार्य चल रहा है. इसी कारण डीवीसी के हाइडल पावर प्लांट से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है जिससे मैथन डैम का जलस्तर घटकर लगभग 461 फीट तक पहुंच गया है. इसके अलावा भीषण गर्मी और बढ़ते वाष्पीकरण को भी जलस्तर में कमी का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है.

 

डैम के सूखे हिस्सों में दिखने लगे विशाल पत्थर

जलस्तर कम होने से डैम के कई हिस्सों में पानी पीछे हट गया है. जहां कुछ महीने पहले तक पानी का विशाल विस्तार दिखाई देता था वहां अब तलहटी के बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें नजर आने लगी हैं. बदलते दृश्य ने डैम की खूबसूरती को प्रभावित किया है जिसके कारण पर्यटकों का आकर्षण भी कम हो गया है.

 

पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट

मैथन डैम आम दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटकों का पसंदीदा स्थल माना जाता है. विशेषकर सप्ताहांत और छुट्टियों के दिनों में यहां लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ती है. लेकिन जलस्तर घटने के बाद पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है. जो स्थल कभी सैलानियों की चहल-पहल से गुलजार रहता था वहां अब सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है.

 

नाविकों की आय पर पड़ा सीधा असर

मैथन डैम में नौकायन पर्यटन का प्रमुख आकर्षण है. यहां के नाविकों का कहना है कि पानी कम होने से पर्यटक बोटिंग में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. पहले जहां दिनभर में कई बार नावें चलती थीं वहीं अब मुश्किल से कुछ ही पर्यटक पहुंच रहे हैं.

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स्थानीय नाविकों के अनुसार पर्यटन सीजन में होने वाली कमाई से ही उनके परिवार का खर्च चलता है लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से आय में भारी गिरावट आई है. ऐसे में कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

 

दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित

डैम के आसपास चाय, नाश्ता, खिलौने, फास्ट फूड और अन्य सामानों की दुकानें चलाने वाले दुकानदार भी प्रभावित हैं. दुकानदारों का कहना है कि पर्यटकों की संख्या घटने से बिक्री में भारी कमी आई है. सुबह से शाम तक दुकानें खुली रहने के बावजूद कारोबार नाममात्र का हो रहा है.

 

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन पर निर्भर कई परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है और यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

 

जलापूर्ति पर भी पड़ सकता है असर

मैथन डैम धनबाद और आसपास के कई क्षेत्रों के लिए पेयजल का महत्वपूर्ण स्रोत है. जलस्तर में लगातार कमी आने से मैथन-धनबाद जलापूर्ति योजना पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इससे चिरकुंडा, निरसा, कुमारधुबी, गोविंदपुर समेत धनबाद के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है.

 

हालांकि डीवीसी प्रबंधन का कहना है कि मानसून से पहले डैम की आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य के लिए जलस्तर कम करना जरूरी है. प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में पेयजल आपूर्ति को लेकर कोई संकट की स्थिति नहीं है और आवश्यक जल भंडारण उपलब्ध है. अधिकारियों को उम्मीद है कि मानसून की शुरुआत के साथ ही डैम का जलस्तर फिर से बढ़ने लगेगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी.

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मैथन डैम का घटता जलस्तर फिलहाल पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय और लोगों की चिंताओं का प्रमुख विषय बना हुआ है. अब सभी की निगाहें मानसून पर टिकी हैं जिससे डैम में फिर से पर्याप्त जल भराव होने और पर्यटन गतिविधियों के पटरी पर लौटने की उम्मीद है.

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