Dharamshala : धर्मशाला कॉलेज की छात्रा 19 वर्षीय पल्लवी की रैगिंग के बाद हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. आरोप है कि तीन छात्राओं ने पल्लवी की जबर्दस्त रैगिंग की और प्रताडित किया. इसके अलावा कॉलेज के एक प्रोफेसर पर यौन और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगे हैं.
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर तो दर्ज कर ली है, लेकिन 36 घंटे बाद भी किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. इससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया है. मामले की गंभीरता देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने संज्ञान लेते हुए धर्मशाला कॉलेज प्रशासन को फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित करने का आदेश दिया है.
यूजीसी का कहना है कि जांच में दोषी पाये जाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी. यूजीसी के आदेशानुसार कमेटी कॉलेज में मौजूदा एंटी-रैगिंग और शिकायत निवारण सिस्टम को देखेगी.
जानकारी के अनुसार छात्रा के परिजनों की शिकायत के आधार पर कॉलेज के प्रोफेसर समेत कुल चार पर एफआईआर दर्ज की गयी है.
एक खबर और है कि हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने भी छात्रा को जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित करने के आरोपों को लेकर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है. राज्य महिला आयोग ने भी एसपी कांगड़ा से मामले की रिपोर्ट तलब की है.
अहम बात यह है कि इस मामले में पुलिस का मुसीबत बढ़ गयी है. यह इसलिए कि डीएसपी निशा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छात्रा के घर पर जांच की. छात्रा का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया. अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है.
माना जा रहा है कि पुलिस के सामने सबूत जुटाना बड़ी चुनौती होगी. छात्रा की यौन और मानसिक प्रताड़ना किये जाने के आरोपी प्रोफेसर को कोर्ट से शुक्रवार को अग्रिम जमानत मिल जाने की खबर है. कोर्ट मे आदेश दिया है कि प्रोफेसर को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करना होगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment