Lagatar Desk
दिल्ली से जो तस्वीरें आ रही हैं, वह बता रही है कि संसद में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का जोरदार स्वागत किया गया है. भाजपा सांसदों का हुजूम संसद परिसर के बाहर मकर द्वार पर आकर उनका स्वागत किया और अंदर ले गए. पार्टी ने यह मैसेज दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान पूरी पार्टी उनके साथ है.
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सूत्रों के अनुसार एनडीए सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान का भव्य स्वागत कर दुनिया को साफ संदेश दिया कि शिक्षा मंत्री ने अंतरात्मा की आवाज और स्वेच्छा से मंत्री पद से इस्तीफा दिया था. सरकार और संगठन प्रधान के साथ मजबूती से खड़ा है.जानकारों के अनुसार धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत एक तरह से डैमेज कंट्रोल करने की कवायद है, ताकि उनकी छवि पर दाग न लग पाये.
उल्लेखनीय है कि शनिवार को इस्तीफे के बाद भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में बयान दिया था. साथ ही कहा था कि उन्होंने इस्तीफे का फैसला इसलिए लिया क्योंकि छात्रों के आंदोलन में देश को तोड़ने वाले घूस न सके. देश को अस्थिर नहीं कर सके.
इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि केंद्र की सरकार और भाजपा इस बात को नहीं मानती है कि लगातार हो रहे पेपर लीक के लिए धर्मेंद्र प्रधान भी कहीं ना कहीं जिम्मेदार हैं. बल्कि वह यह मानते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर बड़ा त्याग किया है.
इस घटना के राजनीतिक मायने हैं. जो लोग शिक्षा मंत्री से नाराज थे. आंदोलन कर रहे थे. वह अपनी नाराजगी जताने के लिए दुबारा सामने आ सकते हैं. क्योंकि अगर धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिकता या त्याग की वजह से इस्तीफा दिया होता तो यह बहुत पहले ही हो गया होता. उन्होंने इस्तीफा तब दिया जब देश भर में छात्र एकजुट होने लगे थे.
ऐसा लगता है युवाओं और सरकार के बीच का यह मामला अभी थमेगा नहीं. धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को युवा इस रूप में भी ले सकते हैं कि उन्हें चिढ़ाया जा रहा है.
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