Bhubaneshwar : देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार अपनी स्थिति साफ की. उन्होंने कहा, जेन-जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों द्वारा उन्हें भटकाने की कोशिश की गयी. श्री प्रधान ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद ही पद से इस्तीफा दिया.
VIDEO | Sambalpur, Odisha: "Gen Z is our children. Some people attempted to mislead them. I had no personal issues then. At least two crore children are born in India every year. During the last 10 years, 20 crore children were born. They have aspirations, and they will make… pic.twitter.com/vdeWFblrxO
— Press Trust of India (@PTI_News) August 9, 2026
धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे. अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा, हम जेन-जी को नजरअंदाज नहीं कर सकते. कहा कि देश के युवाओं के संकल्प और आकांक्षाओं के सामने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां बहुत छोटी हैं.
बता दें कि NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के 35 दिन बाद श्री प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.अहम बात यह रही कि कार्यक्रम में जब धर्मेंद्र प्रधान बोल रहे थे, तब बीजू जनता दल के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की.
नारेबाजी को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, वे बीजेडी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और नारेबाजी से परेशान नहीं है. खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा,आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी मैं वापस ओडिशा आऊंगा.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा. मैंने ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों का सिर कभी शर्म से नहीं झुकने दिया. जब तक मैं जिंदा हूं, ओडिशा के गौरव और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला कोई काम नहीं करूंगा,
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