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धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी तोड़ी, कहा, मेरे लिए पद जरूरी नहीं था, जेन-जी हमारे ही बच्चे, उन्हें भटकाने की कोशिश की गयी

देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार अपनी स्थिति साफ की. उन्होंने कहा, जेन-जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों द्वारा उन्हें भटकाने की कोशिश की गयी. श्री प्रधान ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद ही पद से इस्तीफा दिया.
 

Bhubaneshwar : देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार अपनी स्थिति साफ की. उन्होंने कहा, जेन-जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों द्वारा उन्हें भटकाने की कोशिश की गयी. श्री प्रधान ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद ही पद से इस्तीफा दिया.

 

 

धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे. अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा, हम जेन-जी को नजरअंदाज नहीं कर सकते. कहा कि  देश के युवाओं के संकल्प और आकांक्षाओं के सामने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां बहुत छोटी हैं.

 

बता दें कि NEET पेपर लीक के विरोध में  जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के 35 दिन बाद श्री प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.अहम बात यह रही कि कार्यक्रम में जब धर्मेंद्र प्रधान बोल रहे थे, तब बीजू जनता दल के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की.  

 

नारेबाजी को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, वे बीजेडी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और  नारेबाजी से परेशान नहीं है. खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा,आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी मैं वापस ओडिशा आऊंगा.

 

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा. मैंने ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों का सिर कभी शर्म से नहीं झुकने दिया. जब तक मैं जिंदा हूं, ओडिशा के गौरव और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला कोई काम नहीं करूंगा,  

   

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