Ranchi: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत DSPMU का दौरा किया. इस दौरान विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में कुलपति डॉ. राजीव मनोहर, विभिन्न संकायों के डीन तथा यूनिवर्सिटी जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटी के सदस्यों के साथ एक गहन विचार-विमर्श एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत विज्ञान संकाय की डीन एवं कमेटी की अध्यक्षा डॉ. नमिता सिंह के स्वागत भाषण और विषय प्रवेश से हुई. अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि आज के समय में मानवाधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रो. त्रिपाठी के विचार और सुझाव प्राप्त करना विश्वविद्यालय के लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्य के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि स्पष्ट लक्ष्य और सकारात्मक सोच ही संस्थान को निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर करती है.
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का वातावरण उन्हें बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक लगा. उन्होंने मानवाधिकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए परिसर में मानवाधिकार से संबंधित महान व्यक्तित्वों की गैलरी स्थापित करने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को प्रेरणा मिल सके. साथ ही उन्होंने मानवाधिकार और नेतृत्व से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया, जिससे छात्रों में नेतृत्व क्षमता का विकास हो. उन्होंने ‘विकसित भारत’ की संकल्पना पर भी अपने विचार साझा किए.
इसके पश्चात कमेटी की सदस्या डॉ. शालिनी लाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना, छात्र संख्या, विभिन्न पाठ्यक्रमों और विभागों की जानकारी दी. कार्यक्रम का समापन कमेटी की सदस्य सचिव डॉ. शमा सोनाली के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. इस अवसर पर सभी संकायों के डीन, शिक्षकगण एवं यूजीएससी के सदस्य उपस्थित रहे.
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