Ranchi : रिम्स में डायलिसिस सेवा को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है. फिलहाल यह सेवा Nephroplus के माध्यम से दी जा रही है, लेकिन कंपनी ने भुगतान में देरी का आरोप लगाते हुए सेवा वापस लेने की बात कही है.
इस पूरे मामले पर रिम्स प्रबंधन ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मार्च 2025 तक का भुगतान किया जा चुका है. अप्रैल 2025 का बिल, जो फरवरी 2026 में जमा हुआ था, अभी प्रक्रिया में है और लेखा विभाग में लंबित है. वहीं, मई 2025 से फरवरी 2026 तक के सभी बिल मार्च 2026 में जमा किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
प्रबंधन के अनुसार आयुष्मान सेल द्वारा बिलों की स्क्रूटनी के दौरान लगभग 6 प्रतिशत मामलों में प्री-ऑथराइजेशन के रजिस्ट्रेशन नंबर में गड़बड़ी पाई गई है. ऐसे मामलों को अलग रखते हुए बाकी बिलों के भुगतान की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द पूरा कर लिया जाएगा.
रिम्स प्रबंधन ने यह भी बताया कि करीब एक महीने पहले नेफ्रोप्लस ईस्ट के अकाउंट्स हेड के साथ बैठक हुई थी. इसमें सुझाव दिया गया था कि दस्तावेजों की जांच एआई सॉफ्टवेयर के जरिए कराई जाए, जैसा कि बिहार और गुजरात में किया जा रहा है.
गौरतलब है कि डायलिसिस सेवा गंभीर किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनरक्षक होती है. ऐसे में इसे अचानक बंद करना मरीजों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है. रिम्स प्रबंधन का कहना है कि यदि कंपनी सेवा वापस लेती है, तो इसे कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट का उल्लंघन माना जाएगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment