Jadugoda: झारखंड की शिक्षा विभाग के ट्रांसफर पॉलिसी पर भेदभाव व पक्षपात के आरोप लग रहे है. बीते 26 सालों से 40 किलो किलोमीटर के सफर तय कर पैर से दिव्यांग शिक्षक प्रकाश झा जादूगोड़ा के सुदूर क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोबला में अपनी सेवा दे रहे है. जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है.
आलम यह है 54 वर्षीय शिक्षा प्रकाश झा पैर से चलने में असमर्थ है. उनकी परेशानियों से शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी भी अवगत है. उन्हें सड़क पार करने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. वे बीते 26 सालों से जमशेदपुर स्थित मांनगो पोस्ट ऑफिस रोड गौर बस्ती से जादूगोड़ा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोबला आना-जाना करते है.
वे 22 मार्च 2000 से उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोबला में योगदान दे रहे है. वे पहली से 8वीं कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाते है. स्कूल के प्रधान शिक्षक रतलाल बास्के का ग्रेड फोर में प्रमोशन एक साल पहले होने से उनका तबादला मध्य विद्यालय हीरा चुन्नी स्कूल कर दिया गया, लेकिन पैर से दिव्यांग शिक्षक प्रकाश झा की सुधि विभाग के किसी भी अधिकारी नहीं ले रहे है. इसे लेकर शिक्षा विभाग पर भेदभाव, पक्षपात समेत कई आरोप लग रहे है.
शिक्षक प्रकाश झा कहते है कि कई बार आवेदन दिया, लेकिन नतीजा सिफर निकला. साल 2024 में ऑनलाइन पोर्टल खुला, लेकिन उनके ट्रांसफर के आग्रह को भी नकार दिया गया. 5-6 बार विभागीय पत्राचार का ही कोई फायदा, उन्हें नहीं मिलने से शिक्षा विभाग की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे है.
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