Ranchi News: झारखंड सरकार के 34 विभागों की 234 वेबसाइटों के एकीकरण का फैसला साढ़े चार महीने बाद भी फाइलों से बाहर नहीं आ सका है. सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने 1 अप्रैल को ही सभी विभागों को पुराना डेटा दुरुस्त करने का निर्देश जारी किया था. इसके बावजूद विभागीय वेबसाइटों पर जनहित की जानकारियां पुरानी पड़ी हैं, जबकि मंत्रियों के नए फोटो और प्रोफाइल तत्परता से अपडेट हो रही है.
मुख्य पोर्टल से नहीं जुड़ सकीं शाखाएं
निर्देश के अनुसार, सभी विभागों को अपने अधीन संचालित अलग-अलग वेबसाइटों को उनके मुख्य पोर्टल के साथ एकीकृत करना था, ताकि नागरिकों को एक ही मंच पर सारी सुविधाएं मिल सकें. राज्य की 234 वेबसाइटों में से 142 पोर्टल निजी एजेंसियों (सिस्टम इंटीग्रेटर्स) द्वारा संचालित हैं, जिनके बीच आपसी तकनीकी तालमेल का भारी अभाव है. नतीजतन, विभागों के विभिन्न अनुभागों के पोर्टल आज भी अलग-थलग चल रहे हैं और उन पर मौजूद सूचनाएं लंबे समय से अपडेट नहीं की गई हैं.
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डेटा पर सुस्ती, चेहरों पर फुर्ती
जनता से जुड़े जरूरी डाटा को अपडेट करने में जहां विभागीय सुस्ती दिख रही है, वहीं मंत्रियों की फोटो प्रोफाइल अपडेट करने में सक्रियता दिखती है. विभागों में फेरबदल होते ही संबंधित मंत्रियों के नए फोटो और प्रोफाइल तुरंत अपलोड हो जाते हैं. इसके उलट, कई विभागों की वेबसाइटों पर योजना संबंधी आंकड़े पांच–पांच वर्ष पुराने हैं.
पत्राचार तक सीमित हुआ वन स्टेट-वन पोर्टल की परिकल्पना
'वन स्टेट-वन पोर्टल' की परिकल्पना के तहत हर विभाग में डिजिटल मैनेजर तैनात करने, डेड लिंक्स हटाने और हर पेज पर 'लास्ट अपडेटेड' तारीख अनिवार्य करने का फैसला लिया गया था. लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद यह पूरी कवायद केवल पत्राचार तक ही सिमटी नजर आ रही है.
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