Search

 
 
 

दवा दुकानों की डिजिटल पहचान अनिवार्य, ड्रग इंस्पेक्टरों को एक माह में HFR पूरा करने का निर्देश

Ranchi: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन की समीक्षा स्वास्थ्य निदेशालय, नामकुम में बुधवार को आयोजित बैठक में की गई. बैठक की अध्यक्षता अपर सचिव सह राज्य मिशन निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, विद्यानन्द शर्मा पंकज ने की. समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों और चिकित्सा महाविद्यालयों के पदाधिकारी शामिल हुए.
 

Ranchi: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन की समीक्षा स्वास्थ्य निदेशालय, नामकुम में बुधवार को आयोजित बैठक में की गई. बैठक की अध्यक्षता अपर सचिव सह राज्य मिशन निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, विद्यानन्द शर्मा पंकज ने की. समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों और चिकित्सा महाविद्यालयों के पदाधिकारी शामिल हुए.

 

बैठक में राज्य के सभी जिला अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में डिजिटलीकरण की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत OPD, IPD, डिस्चार्ज, फार्मेसी और लैब सेवाओं को CDAC के E-Sushrut मॉड्यूल के माध्यम से डिजिटल किया जा रहा है. साथ ही निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को भी ABDM Enabled सॉफ्टवेयर अपनाने के निर्देश दिए गए हैं.

 

अपर सचिव ने स्पष्ट किया कि जो अस्पताल प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से ABDM Enabled HMIS सॉफ्टवेयर का उपयोग करना होगा. उन्होंने 28 फरवरी तक सभी निजी अस्पतालों को इस सॉफ्टवेयर से संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया. उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी.

 

बैठक में फार्मेसी के डिजिटलीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत राज्य की सभी दवा दुकानों का Health Facility Registry तैयार किया जा रहा है. इस संबंध में निदेशक औषधि ऋतु सहाय ने जिलों के असिस्टेंट डायरेक्टर और ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि एक महीने के भीतर सभी फार्मेसी दुकानों का HFR तैयार किया जाए. इसके लिए जिलों में विशेष कैंप आयोजित कर कार्य को शीघ्र पूरा करने को कहा गया.

 

रामगढ़ और गुमला को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत मॉडल जिला बनाने की पहल की जा रही है. इसके अतिरिक्त अन्य जिलों में एक सरकारी और एक निजी अस्पताल को मॉडल फैसिलिटी के रूप में चिन्हित किया गया है. इन संस्थानों को एक महीने के भीतर पूर्ण रूप से ABDM अनुरूप बनाने का निर्देश दिया गया है.

 

अपर सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन जिलों में कंप्यूटर या मानव संसाधन की कमी है, उसे तत्काल दूर कर मिशन के कार्यों को सुचारु रूप से प्रारंभ किया जाए. पूर्व में जारी निर्देशों के अनुपालन को समयबद्ध सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही