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दिनेश गोप का दिल्ली एम्स में मिल गया अपॉइंटमेंट, सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी

Ranchi: प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिब्रेशन फ्रट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो रहे दिनेश गोप की ओर से बेहतर इलाज को लेकर दायर याचिका की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई. मामले में राज्य की ओर से कोर्ट को बताया गया कि न्यायालय के 03.02.2026 के आदेश के अनुपालन में याचिकाकर्ता दिनेश गोप के इलाज के लिए दिल्ली एम्स में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट तय हो गया है, 03.03.2026 की तिथि निर्धारित की गई है. साथ ही कैदी को इलाज के लिए सुरक्षित रूप से दिल्ली ले जाने के लिए पर्याप्त पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने के लिए सक्षम प्राधिकार से अनुमति मांगी गई है. 


सरकार का पक्ष जानने के बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 मार्च के बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. याचिकाकर्ता के पक्ष में अधिवक्ता प्रियंका अग्रवाल ने पैरवी की. जबकि सरकार की ओर से अधिवक्ता दीपांकर ने बहस की. 
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता दिनेश गोप वर्तमान में एटीएस कांड संख्या 02/2023 में सजा काट रहे हैं और फिलहाल सेंट्रल जेल मेदनीनगर में बंद हैं.

 

दरअसल पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मेदनीनगर जेल अधीक्षक को निर्देश दिया था कि वह दिनेश गोप के बेहतर इलाज एम्स  दिल्ली में कराने के लिए त्वरित कार्रवाई करें. सरकार की ओर से कोर्ट को जेल अधीक्षक मेदनीनगर के 30 जनवरी के पत्र का उल्लेख करते हुए बताया गया था कि दिनेश गोप के इलाज के लिए एम्स के डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने का प्रयास किया गया जा रहा है.

 

वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बेहतर इलाज के अभाव में दिनेश गोप का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है. उनका एम्स में इलाज जल्द करना बहुत जरूरी है. मई 2025 में भी दिनेश गोप को इलाज के लिए एम्स भेजा जाना था, लेकिन यह संभव नहीं हो सका था. रिम्स के चिकित्सकों की कमेटी ने भी कहा था कि उनका इलाज रिम्स में संभव नहीं है और उन्हें एम्स दिल्ली भेजा जाए. 

 

बता दें कि दिनेश गोप के हाथ में चोट लगी थी, जिसके बाद उनका ऑपरेशन हुआ था. इस दौरान कुछ न्यूरो से संबंधित इशू भी दिनेश गोप के समक्ष आई है. दरअसल झारखंड पुलिस और एनआइए की संयुक्त टीम ने दिनेश गोप को नेपाल से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे रांची जेल भेज दिया गया था.

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