Ranchi: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावा-आपत्ति की प्रगति की समीक्षा की गई.
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उन्होंने कहा कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में दावा-आपत्ति अधिक हैं, वहां अतिरिक्त सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाए. इसके लिए सक्षम अधिकारियों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नो-मैप और तार्किक विसंगति वाले किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस, सुनवाई और सक्षम प्राधिकारी के आदेश के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा. प्रत्येक मामले का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाएगा.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए. जिन योग्य नागरिकों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र भरकर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं.
के. रवि कुमार ने युवाओं को ECINET के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म-6 भरने के लिए भी प्रेरित करने को कहा. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि एक ही परिवार के सभी मतदाताओं का नाम एक ही मतदान केंद्र पर दर्ज कराने के लिए आवश्यकतानुसार फॉर्म-8 भरवाया जाए.
उन्होंने कहा कि जो झारखंड के मतदाता वर्तमान में बिहार, पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज हैं, वे फॉर्म-8 और घोषणा-पत्र के माध्यम से अपना नाम झारखंड स्थानांतरित करा सकते हैं.
वर्तमान ड्राफ्ट मतदाता सूची में राज्य के कुल 2,21,01,249 मतदाता शामिल हैं. सत्यापन के लिए 63,24,116 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे. इनमें 14,03,205 नो-मैप, 3,65,684 जनांकिकीय सम-प्रविष्टि (DSE) और 45,55,227 तार्किक विसंगति वाले मतदाता शामिल हैं. बैठक में दावा-आपत्ति का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया.
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