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श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान के संचालक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती फरार, 32 लड़कियों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये, केस दर्ज

पुलिस ने थाना वसंत कुंज नॉर्थ में धारा 75(2)/79/351(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है. मठ के प्रशासन पीए मुरली ने बाबा स्वामी पार्थ सारथी के खिलाफ केस दर्ज करवाया है.  पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले है. उसकी गिरफ्तारी के लिए  कई ठिकानों छापे मारे गये. लेकिन अभी वह पुलिस गिरफ्त से बाहर है.
 

New Delhi :  दिल्ली स्थित श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान के संचालक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं. भगवा वस्त्र धारी इस बाबा के खिलाफ 32 लड़कियों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं. 32 में से 17 लड़कियों ने अभद्र भाषा, अश्लील व्हाट्सऐप मैसेज और फिजिकली टच करने की बात कही है. जानकारी के अमिसार छात्राएं इंस्टीट्यूट में EWS स्कॉलरशिप के तहत PGDM (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट) कर रही हैं 

 

 

 

यह संस्थान श्री श्रृंगेरी मठ द्वारा चलाया जाता है.  रिपोर्ट के अनुसार 2016 में प्रबंधन संस्थान की एक छात्रा ने पार्थ सारथी के खिलाफ मोलेस्टेशन का केस दर्ज कराया था. केस दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार किया था. हालांकि उसे जमानत मिल गयी थी.  इसके बाद भी वह इंस्टिट्यूट चला रहा था.

 

 

इतने साल बाद फिर पुलिस में यौन उत्पीड़न की  शिकायत की गयी है. जिस दिन केस दर्ज हुआ, उस दिन बाबा एक कार्यक्रम में शामिल होने गया हुआ था.  FIR दर्ज होने की खबर होते ही वह फरार हो गया.  4 अगस्त को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गयी थी. केस दर्ज होने के बाद उसे 9 अगस्त को पद से हटा कर निष्कासित किया गया था.

 

दिल्ली पुलिस ने शारदा इंस्टीट्यूट के बेसमेंट से चैतन्यानंद की एक वॉल्वो कार बरामद की है. उस पर यूनाइटेड नेशन (UN) की नंबर प्लेट लगी थी. बता दें कि इस तरह के नंबर राजनयिकों को जारी किये जाते हैं. पुलिस के अनुसार चैतन्यानंद को यह नंबर UN से जारी नहीं हुआ था. उसने खुद ही नंबर लिखवा लिया था. 

 

 

 पुलिस ने थाना वसंत कुंज नॉर्थ में धारा 75(2)/79/351(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है. मठ के प्रशासन पीए मुरली ने बाबा स्वामी पार्थ सारथी के खिलाफ केस दर्ज करवाया है.  पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले है. उसकी गिरफ्तारी के लिए  कई ठिकानों छापे मारे गये. लेकिन अभी वह पुलिस गिरफ्त से बाहर है.

 

 

खबरों के अनुसार पुलिस संस्थान से मिले एनवीआर/हार्ड डिस्क एफएसएल जांच के लिए भेज दिये है. पटियाला हाउस कोर्ट के वरिष्ठ जेएमएफसी के समक्ष 16 पीड़ितों के बयान धारा 183 बीएनएसएस के तहत दर्ज हो गये हैं.

 


इस मामले में श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम, श्रृंगेरी ने कहा है कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती, जिन्हें पहले स्वामी (डॉ) पार्थसारथी के नाम से जाना जाता था,  अवैध, अनुचित गतिविधियों में लगे हुए हैं. यह श्रृंगेरी (पीठम) के हितों के लिए हानिकारक हैं. कहा कि पीठम ने उनके साथ सभी संबंध तोड़ लिये हैं. पीठम ने उसके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज करा दी है.  

 

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