Ranchi : राज्य में मापतौल अधिकारियों की कमी के कारण लाइसेंस नवीनीकरण और मापतौल उपकरणों के सत्यापन में आ रही दिक्कतों को लेकर चैंबर भवन में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित की गई.
बैठक में सदस्यों ने मापतौल कंट्रोलर का पद लंबे समय से रिक्त रहने पर चिंता व्यक्त की. बताया गया कि वर्तमान व्यवस्था में एक विभागीय इंस्पेक्टर को चार से पांच जिलों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिससे सत्यापन और नवीनीकरण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि व्यापारियों की सुविधा के लिए राज्य के सभी जिलों में एक-एक मापतौल इंस्पेक्टर की पदस्थापना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब तक विभाग में पर्याप्त इंस्पेक्टरों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक सत्यापन में देरी के आधार पर व्यापारियों पर जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए.
बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि सभी जिलों के मापतौल कार्यालयों के बाहर निरीक्षकों का संपर्क विवरण और उनकी उपलब्धता से संबंधित सूचना बोर्ड लगाए जाएं.
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि जल्द ही विभागीय मंत्री से मिलकर समस्या के समाधान पर चर्चा की जाएगी. श्रम उप समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने स्थायी व्यवस्था होने तक प्रत्येक जिले में त्रैमासिक मापतौल कैंप लगाने का सुझाव दिया.
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