- -डीवीसी मुख्यालय को झारखंड में लाने की मांग उठी
Ranchi: 13 सूत्री मांग को लेकर विस्थापित और स्थानीय समन्वय समिति के बैनर तले लोकभवन के समक्ष अनिश्चित कालीन धरना शुरू हो गया. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि विस्थापितों से 1947 में पावर प्लांट और डैम के लिए हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहण किए गए हैं. डीवीसी विस्थापितों को डीवीसी द्वारा अनदेखी की जा रही है और जो सुविधा मिलनी चाहिए थी, वो सुविधा नहीं मिल रही है.
धरना में शामिल लोगों ने कहा कि झारखंड से कोयला निकल रहा है. विदेश भेजा रहा है, लेकिन इनका मुख्यालय कोलकाता बनाए गए हैं. इस कंपनी में रिक्त पदों में निकलने वाली वैकेंसी के बारे में जानकारी नहीं मिलती है. इसकी वजह से झारखंडियों को सीसीएल मुख्यालयों में नौकरी नहीं मिल पाती है. झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा मुख्य संयोजक महमूद आलम ने कहा कि कोनार डैम,तिलैया डैम,मैथन डैम,और पंचेत डैम के लिए हजारों एकड़ जमीन अधिग्रहण किया गया है.
जानें क्या है इनकी मांगें
-डीवीसी के सभी प्रतिष्ठानों में जिन विस्थापितों की जमीन ली गई है, सभी परिवारों को 50 हजार रूपये प्रतिमाह दी जाए.
-डीवीसी मुख्यालय को झारखंड में लाए जाएं और ठेकेदारी प्रथा को बंद किया जाए.
- प्रतिष्ठानों में पानी बिजली व सिंचाई का साधन मुफ्त किया जाए.
- सभी विस्थापित हुए परिवारों को जिन्हें नौकरी नहीं मिली है, उस परिवार को 50 लाख रूपये दिया जाए.
-विस्थापितों को रिक्त पदों में योग्यतानुसार नौकरी दी जाए.
-विस्थापितों को दी गयी जमीन पर मालिकाना हक दिया जाए.
-तेनुघाट और गोमिया बारूद फैक्ट्री के विस्थापितों को नौकरी दिए जाए.
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