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सरायकेला में बैंकों को चेतावनी: लंबित ऋण आवेदन जल्द निपटाएं, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाएं बैंकिंग सुविधाएं

सरायकेला-खरसावां जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लंबित ऋण आवेदनों के निपटारे में हो रही देरी पर जिला प्रशासन ने नाराजगी जताई है.
 

Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लंबित ऋण आवेदनों के निपटारे में हो रही देरी पर जिला प्रशासन ने नाराजगी जताई है. सोमवार को सरायकेला समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (डीसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बैंकों के कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.

 

बैठक में मार्च 2026 तिमाही के दौरान जिले की बैंकिंग गतिविधियों, साख-जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना, कृषि ऋण, स्वरोजगार ऋण और वित्तीय समावेशन की स्थिति पर चर्चा की गई. किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बैंक लिंकेज, संयुक्त देयता समूह (जेएलजी), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), पीएमएफएमई, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि और मुद्रा योजना के तहत ऋण स्वीकृति एवं वितरण की समीक्षा भी की गई.

 

डीडीसी रीना हांसदा ने बैंकों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं से जुड़े पात्र लाभुकों के आवेदनों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए. उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से किसी भी आवेदन को लंबित नहीं रखा जाए तथा ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए.

 

बैठक में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया. डीडीसी ने बैंकिंग संवाददाता केंद्र, एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए विशेष पहल करने को कहा. साथ ही ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया गया जहां लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.

 

वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय साक्षरता केंद्र और सामुदायिक वित्तीय साक्षरता केंद्रों के माध्यम से नियमित जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया. लोगों को डिजिटल भुगतान, बैंकिंग सेवाओं, बचत, ऋण प्रक्रिया और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए.

 

महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को पीएमएफएमई योजना के तहत योग्य परियोजनाओं का चयन कर बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया. वहीं, ऋण वसूली में सुधार और एनपीए कम करने के लिए बैंक और संबंधित विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया.

 

अग्रणी जिला प्रबंधक बरुण कुमार चौधरी ने किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तिकरण अभियान को गति देने, कृषिका ऐप के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने तथा स्वयं सहायता समूहों और जेएलजी के वित्तपोषण लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया.

 

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, नाबार्ड के डीडीएम, जिला कृषि पदाधिकारी, जेएसएलपीएस, आरसेटी, सीएफएल और एफएलसी के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक और शाखा प्रबंधक मौजूद रहे.

 

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