- तय समय पर आरोप पत्र दाखिल नहीं होने का मिला फायदा
Ranchi : रियल एस्टेट कारोबारी सुरेंद्र सिंह की ओर से दूसरी बार दाखिल डिफॉल्ट बेल याचिका में उन्हें बड़ी राहत मिल गई. एसीबी की विशेष कोर्ट ने समय सीमा में आरोप पत्र दाखिल नहीं होने का फायदा देते हुए उन्हें डिफॉल्ट बेल प्रदान कर दी. इससे पहले एक बार उनकी डिफॉल्ट बेल की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी. इसके बाद उनकी ओर से दूसरी बार डिफॉल्ट बेल याचिका दाखिल की गई थी.
मामले में आरोप पत्र तय समय सीमा पर दाखिल नहीं हुई थी. बता दें कि सुरेंद्र सिंह ने निलंबित IAS विनय चौबे की रिश्तेदार प्रियंका त्रिवेदी को फ्लैट की रजिस्ट्री किया था. वर्ष 2017 में पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर सुरेंद्र सिंह ने प्रियंका त्रिवेदी को लगभग 43 लाख में एक फ्लैट बेचा था. एसीबी जांच में पाया गया था कि फ्लैट की खरीद बिक्री में निलंबित IAS विनय चौबे के अवैध धन का निवेश हुआ था.
आय से अधिक संपत्ति मामले में एसीबी ने विजिलेंस कांड संख्या 20/2025 दर्ज की है. मामले में निलंबित IAS विनय चौबे और उनकी पत्नी, ससुर, साला, सलहज के साथ सहयोगी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी आरोपी बनाया गया है.
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