Ranchi: आज हुई Cadre Review Committee की बैठक में सदस्यों के बीच विवाद और गहरा गया. विवाद की वजह कमेटी के मूल सदस्यों के बदले नामित सदस्यों को बैठक में शामिल करना था. इस विवाद के बीच ही कार्मिक विभाग ने पदों के सृजन के मामले में दूसरे राज्यों से जानकारी लेने का फैसला किया.
कार्मिक विभाग ने 20 मई को Cadre Review Committee की बैठक आयोजित की थी. बैठक में सदस्य राजस्व पर्षद और भू-राजस्व सचिव चंद्रशेखर के बदले उनके द्वारा नामित सदस्य शामिल हुई. कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल सचिवालय सेवा संघ के महासचिव की तबीयत खराब है. वह अस्पताल में हैं.
संघ के सचिव ने महासचिव के बदले संघ के दूसरे सदस्य को बैठक में शामिल होने की अनुमति मांगी. लेकिन कार्मिक विभाग की ओर से इसे अस्वीकार कर दिया गया. इससे कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल सचिवालय सेवा संघ के अध्यक्ष के साथ विवाद पैदा हुआ. संघ के अध्यक्ष ने बैठक में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. क्योंकि कुछ मूल सदस्यों की अनुपस्थिति में उनके द्वारा नामित पदाधिकारी को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गयी. लेकिन यह सुविधा सचिवालय संघ को नहीं दी गयी.
आज हुई बैठक में भी कार्मिक विभाग की ओर से कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल सचिवालय सेवा संघ के पदाधिकारी को आवश्यक दस्तावेज नहीं दिये गये. दस्तावेज की मांग पर पहले से ही विवाद कायम था. नामित सदस्यों के बैठक में शामिल होने के मुद्दे पर आज विवाद और गहरा गया. इस विवाद के बीच ही कमेटी ने सचिवालय सेवा के लिए पदों के सृजन के मामले में दूसरे राज्यों से दस्तावेज मंगाकर अध्ययन करने का फैसला किया.
कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल सचिवालय सेवा संघ के अध्यक्ष ने इसका विरोध किया. उनका तर्क था कि झारखंड सचिवालय सेवा संवर्ग को केंद्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के कर्मचारियों के बराबर सुविधाएं देने सहित अन्य मामलों में सरकार के साथ समझौता है. इसलिए झारखंड सचिवालय सेवा संवर्ग की तुलना दूसरे राज्यों के सचिवालय सेवा संवर्ग के साथ नहीं की जा सकती है.
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