Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) में डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. वाराणसी निवासी अमृत कुमार ने विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार अब्दुल हलीम के खिलाफ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर उनके तत्काल निलंबन और मामले की जांच की मांग की है.
शिकायतकर्ता के अनुसार, अब्दुल हलीम की नियुक्ति कथित तौर पर गलत पात्रता अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर की गई. विज्ञापन की शर्तों के मुताबिक, डिप्टी रजिस्ट्रार पद के लिए सहायक कुलसचिव या समकक्ष पद पर कम से कम 5 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव अनिवार्य था.
आरोप है कि स्क्रीनिंग कमेटी ने उनके हिंदी अधिकारी और सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO) के अनुभव को प्रशासनिक अनुभव मान लिया. जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि यह कार्य प्रशासनिक नहीं, बल्कि लिपिकीय प्रकृति का था.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब्दुल हलीम ने 2019 से 2022 के बीच ICFAI यूनिवर्सिटी से नियमित (फुल-टाइम) एलएलबी की डिग्री हासिल की. जबकि उन्होंने इसके लिए न तो अध्ययन अवकाश लिया और न ही आवश्यक बॉन्ड का पालन किया. इसे यूजीसी और केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन बताया गया है.
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय ने हिंदी अधिकारी पद के लिए भर्ती नियम निर्धारित नहीं किए थे, बावजूद इसके नियुक्ति की गई, जिसे नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है.
पत्र में पूर्व कुलपतियों और वर्तमान मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और नियमों की अनदेखी कर चयन किया गया.
शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
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