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झारखंड पुलिस में ‘रील्स’ का क्रेज : आदेश के बावजूद जवान व अधिकारी बना रहे वीडियो, कई पर हुई सख्त कार्रवाई

AI से बनाई गई तस्वीर

Ranchi :  झारखंड पुलिस मुख्यालय की सख्त हिदायत के बावजूद राज्य के कई जिलों में पुलिस पदाधिकारी और जवान खुलेआम रील्स बना रहे हैं. इतना ही नहीं वे पुलिस वर्दी में अपनी पत्नी के साथ फिल्मी गानों में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर भी कर रहे हैं, जिसने विभागीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

 

मुख्यालय की ओर से पूर्व में स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि ड्यूटी के दौरान या वर्दी में किसी भी प्रकार का वीडियो बनाना या सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पूर्णतः प्रतिबंधित है. बावजूद इसके पुलिस पदाधिकारी और जवान अपना काम छोड़कर रील्स बनाने में लगे हुए हैं. 

 

कई जिलों से रील्स बनाते वीडियो आए सामने

हाल के दिनों में रांची, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और पलामू जिले से लगातार ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें पुलिसकर्मी थाना परिसर, सरकारी वाहनों और सार्वजनिक स्थलों पर रील्स शूट करते नजर आए हैं. कई मामलों में सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी शामिल पाए गए हैं.

 

वर्दी और हथियार के साथ भी बना रहे वीडियो

कुछ वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी वर्दी के साथ-साथ हथियारों का भी प्रदर्शन करते दिखे हैं. वहीं, कुछ मामलों में पुलिसकर्मी अपनी पत्नी या परिचितों के साथ रील्स बनाते पाए गए हैं, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है.

 

रीलबाज जवानों पर शिकंजा कस रहा विभाग

मामले सामने आने के बाद विभाग ने रील्स बनाने वाले अधिकारियों और जवानों पर शिकंजा कसा है. रांची और धनबाद में संबंधित पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. जबकि बोकारो और हजारीबाग में कुछ जवानों को लाइन हाजिर किया गया.

 

वहीं गिरिडीह और पलामू में रीलबाज जवान के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है. आदेश व कार्रवाई के बावजूद लगातार सामने आ रहे मामलों से यह स्पष्ट है कि पुलिस अधिकारी और जवान नियमों को उल्लंघन कर रहे हैं.

 

ड्यूटी या वर्दी में रील्स बनाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि वर्दी केवल एक ड्रेस नहीं, बल्कि कानून, अनुशासन और जनता के भरोसे का प्रतीक होती है. ऐसे में हर पुलिसकर्मी की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने आचरण से इस गरिमा को बनाए रखे.

 

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि ड्यूटी के दौरान या वर्दी में रील्स बनाना और उसे सोशल मीडिया पर डालना सेवा नियमों का सीधा उल्लंघन है. इस तरह की गतिविधियां न केवल विभागीय अनुशासन को कमजोर करती हैं, बल्कि आम लोगों के बीच पुलिस की पेशेवर छवि को भी प्रभावित करती हैं.

 

मुख्यालय से पुलिसकर्मियों से अपील की है कि वे अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ करें. वर्दी में मनोरंजन या लोकप्रियता के उद्देश्य से वीडियो बनाना अनुचित है और इससे गलत संदेश जाता है कि ड्यूटी के समय भी गंभीरता नहीं बरती जा रही है.

 

सभी जिलों को लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश

मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों पर सतर्क नजर रखें और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में इस तरह के मामलों में चेतावनी तक सीमित न रहकर कड़ी विभागीय कार्रवाई, यहां तक कि निलंबन जैसे सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं.

 

अधिकारियों का मानना है कि पुलिस बल की विश्वसनीयता और सम्मान बनाए रखने के लिए अनुशासन सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

 

जानें कब और कहां की गई कार्रवाई 

26 जनवरी 2026 :  पलामू जिले के हुसैनाबाद थानेदार का वर्दी में पत्नी के साथ वीडियो वायरल हुआ है. इसके बाद विभाग ने मामले की जांच की और थानेदार को लाइन हाजिर किया था.


29 मार्च 2026 :  धनबाद के राजगंज थाना प्रभारी अलीशा ने भोजपुरी गाने पर ठुमके लगाए. वीडियो वायरल होने पर धनबाद एसएसपी ने एक्शन लिया और लाइन हाजिर किया.


2025 :  मेदिनीनगर के शहर थाना में पदस्थापित एएसआई अभिमन्यु सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ. पलामू एसपी ने मामले में विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे लाइन हाजिर कर दिया.  

 

10 जनवरी 2025 : हजारीबाग में एक सब-इंस्पेक्टर का रील्स वायरल होने पर विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया और जांच बैठाई.

 

22 नवंबर 2024 : बोकारो जिले में थाने परिसर में रील्स शूट करने के मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया.

 

 

 

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