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रिम्स टू की जमीन को लेकर फिर गहराने लगा विवाद, एकजुट हुआ आदिवासी समाज

Ranchi: कांके स्थित नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स टू की जमीन को लेकर फिर आदिवासी समाज एकजुट होने लगे हैं. इसको लेकर प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन आयोजित की गई. इस दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री गीतांश्री उरांव ने मीडिया को संबोधित किए और कहा कि 12 मार्च को रिम्स टू की जमीन की जमीन बचाने के लिए राज्यभर के आदिवासी समाज एकजुट होकर विधानसभा मार्च करेगी.
 

Ranchi: कांके स्थित नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स टू की जमीन को लेकर फिर आदिवासी समाज एकजुट होने लगे हैं. इसको लेकर प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन आयोजित की गई. इस दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री गीतांश्री उरांव ने मीडिया को संबोधित किए और कहा कि 12 मार्च को रिम्स टू की जमीन की जमीन बचाने के लिए राज्यभर के आदिवासी समाज एकजुट होकर विधानसभा मार्च करेगी.

 

यह मार्च नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के द्वारा आयोजित होगी. इस दौरान प्रेम शाही मुंडा ने कहा कि आदिवासियों के रिम्स समेत आदिवासियों की जमीन लूटी जा रही है. रिम्स टू कृषि योग्य भूमि है. यह जमीन अधिग्रहण की जाती है तो वहां के रैयत बेघर हो जाएंगे. 

 

पूर्व शिक्षा मंत्री गीतांश्री उरांव ने कहा कि जमीन अधिग्रहण में भूमि अधिकरण कानून 2013 में स्पष्ट कहा गया है कि 70% सामाजिक सहमति आवश्यक है. पेसा कानून और सीएनटी एक्ट की धाराओं में विभिन्न धाराओं में सहमति लेना आवश्यक है, जिसे सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण करना  गैरकानूनी है.

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