Search

 
 
 

दस्तावेज लीक केस: स्वास्थ्य विभाग के कर्मी को आरोपी बनाने मामले में सरयू राय को जवाब देने के लिए मिला समय

Ranchi : विधायक सरयू राय पर गोपनीय दस्तावेज के लीक करने के आरोप से संबंधित मामले की सुनवाई एमपी/ एमएलए की विशेष कोर्ट में हुई. मामले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शंभू सिंह को आरोपी बनाने को लेकर अभियोजन पक्ष की ओर से दायर पिटीशन पर सुनवाई हुई.
 
  • विधायक सरयू राय को दी गई पिटीशन की प्रति
  •  विधायक सरयू राय पर दर्ज हुई थी डोरंडा थाना में FIR

Ranchi : विधायक सरयू राय पर गोपनीय दस्तावेज के लीक करने के आरोप से संबंधित मामले की सुनवाई एमपी/ एमएलए की विशेष कोर्ट में हुई. मामले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शंभू सिंह को आरोपी बनाने को लेकर अभियोजन पक्ष की ओर से दायर पिटीशन पर सुनवाई हुई. 

 

इस दौरान सरयू राय की ओर से पिटीशन की कॉपी रिसीव की गई. जिसके बाद कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के इस पिटीशन पर सरयू राय को जवाब दाखिल करने का समय दिया.  दरअसल, सीआरपीसी की धारा 319 के तहत अभियोजन पक्ष ने याचिका दाखिल कर कर्मचारी शंभू सिंह को आरोपी बनाने की अनुमति कोर्ट से मांगी है.
 

पिटीशन में अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि मामले के करीब चार गवाह ने लीक होने वाले दस्तावेज की फोटो शंभू सिंह को खींचते देख लेने का दावा किया है. ऐसे में उसे मामले में आरोपी बनाया जाना जरूरी है ताकि तथ्य सामने आ सके.

 

दरअसल, मामले की सुनवाई एमपी /एमएलए के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में ट्रायल चल रही है जिसमें अनुसंधानकर्ता सहित 12 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है. 

 

बता दें कि सरयू राय के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव की ओर से मई 2022 में डोरंडा थाना में मामला दर्ज कराया था. दरअसल, रांची के एमपी/ एमएलए के विशेष अदालत ने आपराधिक साजिश रचकर स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग से संचिका के गोपनीय पन्नों की चोरी करने के आरोप में विधायक सरयू राय के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था. मामले में भी ट्रायल चल रही है.

 

इस मामले में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है. आरोप पत्र में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आप्त सचिव आसिफ एकराम सहित छह गवाहों का नाम है. यहां बता दें कि मामले में जांच पूरी करते हुए अनुसंधान पदाधिकारी सह सब-इंस्पेक्टर नागेश श्रीवास्तव ने करीब ढाई साल बाद अपराध को सही पाते हुए  अदालत में भादवि की धारा 120बी एवं गोपनीय दस्तावेज लीक की धारा 30(2) के तहत आरोप पत्र दाखिल की थी.

 

दरअसल, विधायक सरयू राय ने गोपनीय दस्तावेज को हासिल करने के बाद प्रेस कान्फ्रेंस कर मीडिया को कोरोना काल में किए गए कोविड प्रोत्साहन राशि के दुरपयोग की जानकारी दी थी. उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर पद का दुरुपयोग करते हुए खुद एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े 60 कर्मचारियों को कोविड काल में प्रोत्साहन राशि भुगतान करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरयू राय के खिलाफ डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही