Ranchi: डोरंडा कॉलेज में रांची विश्वविद्यालय के तत्वावधान में दो दिवसीय अंतर कॉलेज साहित्यिक उत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के पहले दिन रांची विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके बाद सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ और शॉल देकर सम्मानित किया गया. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजकुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में साहित्यिक उत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में साहित्यकार रणेंद्र कुमार ने अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने भारतीय साहित्य में राम कथा की परंपरा और विभिन्न भाषाओं में इसके विविध रूपों का उल्लेख करते हुए छात्रों को साहित्य के प्रति आकर्षित होने के लिए प्रेरित किया. मुख्य अतिथि डॉ. सुदेश कुमार साहू ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में साहित्यिक अभिरुचि बढ़ती है और उनके व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिलती है.
कार्यक्रम के तहत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत 10 कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. अंतिम सत्र में "वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समाज निर्माण में साहित्य की भूमिका" विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई. इस चर्चा में प्रसिद्ध साहित्यकार महादेव टोप्पो, डॉ. पंकज मित्र, नागपुरी विद्वान डॉ. वीरेंद्र कुमार महतो और कथाकार अंजेश कुमार ने अपने विचार रखे और छात्रों के प्रश्नों का उत्तर दिया.
पैनल चर्चा के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरविंद कुमार एवं शालिनी ने किया, जबकि पैनल चर्चा का संचालन (मॉडरेशन) डॉ. युगेश कुमार महतो ने किया. अंत में डॉ. मंजू लाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.
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