Patna: बिहार लोक सेवा आयोग की TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा केस में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. डॉ मनीष कुमार पर परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराने का आरोप है. इस केस में अबतक 296 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
इसे भी पढ़ें:
ईओयू की जांच में सामने आया कि डॉ मनीष कुमार ने परीक्षा से दो-तीन दिन पहले करीब 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग पहुंचाया था. वहां एक होटल में सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पढ़ाया गया, जिससे की वो परीक्षा में अच्छे अंक ला सके. इन लोगों को होटल में छोड़ने के बाद मनीष वापस पटना लौट आए थे.
मनीष ने हर अभ्यर्थी की सेटिंग कराने के बदले 50 हजार देने का वादा किया था. जांच में यह बात भी सामने आया है कि डॉ मनीष की दोस्ती डॉ शिव से थी. डॉ शिव कथित परीक्षा गिरोह के सरगना संजीव मुखिया के बेटे बताए जा रहे हैं. ईओयू का दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए TRE-3 परीक्षा का पेपर लीक करने और अभ्यर्थियों की भर्ती कराने की साजिश रची गई थी.
डॉ मनीष ने वर्ष 2011 में पटना के एनएमसीएच से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने कैमूर जिले में सरकारी डॉक्टर के रूप में भी काम किया. फिलहाल उन्हें सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और पीजी की तैयारी कर रहे थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment