Saraikela: सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार सिद्धो-कान्हो, भगवान बिरसा मुंडा, गुवा शहीदों के परिवारों को सम्मान दे रही हैं. अब खरसांवा शहीद के परिवारों को खोज-खोज कर सम्मान देने का काम करेंगे. इसका मसौदा तैयार हो चुका है.

न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेंगे. इसमें रिटायर्ड जज के साथ पदाधिकारी भी रहेंगे. जो हर दिन की गतिविधियों का आकलन करेंगे. अगले साल शहीद दिवस आते-आते शहीद परिवारों को ढूंढ लिया जाएगा. सीएम गुरुवार को खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर बोल रहे थे.
पेसा कानून आमजनों को समर्पित कर दिया है
सीएम ने कहा कि पेसा कानून आमजनों को समर्पित कर दिया है. ताकि गांव का स्वशासन मजबूत हो सके. ग्रामसभा मजबूत हो सके. आज अलग-अलग तरीके से लोग व्यवसायिक गतिविधियों में इधर उधर भटकते रहते हैं.
हमलोगों के बीच दलाल किस्म के लोग उन व्यापारियों की मदद करते हैं. हक अधिकार को खत्म करते हैं. इन दलालों से बचने के लिए पेसा कानून महत्वपूर्ण होगा. उन्होंने कहा कि इस कानून को गांव-गांव और पंचायतों में बैठकर समझिए.
राज्य सीएनटी-एसपीटी कानून से हैं संरक्षित
आज बड़े-बड़े शहरों का शहरीकरण हो रहा है. लेकिन झारखंड सीएनटी-एसपीटी कानून से संरक्षित है. इसके बावजूद शहरों में बड़े पैमाने पर बाहर से लोग आकर अपना वर्चस्व जमाने में लगे हैं.
आज कई मानकी मुंडा के पास हजारों एकड़ जमीन है. लेकिन वो धीरे-धीरे दलालों के माध्यम से गैर आदिवासियों को हस्तांतरित किया जा रहा है. शहर में लोगों ने खेती करना बंद कर दिया है. लेकिन आज तकनीक बदल गया है.
अगर शहर में हजार एकड़ जमीन है तो धान नहीं लगाना है तो बिजली की भी खेती कर सकते हैं. खेतों में सोलर पैनल लगाकर जो बिजली उत्पादित होगा, उसे सरकार खरीदेगी. इससे जमीन भी बचेगा आय भी बढ़ेगा.
जानकारी का अभाव सबसे बड़ी कमजोरी
सीएम ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी तो है ही, अब पेसा कानून भी है. लेकिन जानकारी का अभाव सबसे बड़ी कमजोरी है. अपना वजूद बचाने के लिए शिक्षित होना पड़ेगा.
राज्य सरकार ने कई विश्वविद्यालय दी है. पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज भी ला रहे हैं. आज आदिवासी बच्चे विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. इसका पूरा खर्चा राज्य सरकार वहन कर रही है.
गुरुजी क्रेडिट कार्ड के जरीए 15 लाख रुपए तक की सहायता राशि बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है. इस सरकार का साल भर भी नहीं हुआ हमने नौ से 10 हजार लोगों को नौकरी दी.
रांची से नहीं गांव से चलनेवाली सरकार है
सीएम ने कहा कि यह सरकार रांची से नहीं गांव से चलने वाली सरकार है. आधी आबादी को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए मईयां सम्मान योजना चलाया. बिजली के बोझ को अपने कंधों पर उठाया. राशन भी देते हैं. सिर्फ आपलोग अपने बच्चों को पढ़ाएं. यह अबुआ सरकार है.
राज्य को इस काबिल बनाना है कि जो भी समस्याएं हैं उसका समाधान हो सके. हमें रौशनी दिखाई दे रही है. यह रौशनी काफी तेजी से फैलेगी. पूरी मजबूती के साथ राज्य को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करेंगे.
गांव मजबूत होगा तो राज्य मजबूत होगा. गांव को मजबूत करना पहली प्राथमिकता है. दिशोम गुरु शिबू सोरेन सहित वीर शहीदों के आदर्शों पर आगे बढ़ रहे हैं.
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