Giridih/Ranchi News: गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में जल जीवन मिशन की अधूरी पड़ी पेयजल योजनाओं पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. समय पर काम पूरा नहीं करने वाले और काम बंद कर चुके ठेकेदारों को तत्काल लीगल नोटिस भेजा जाएगा. साथ ही तीनों जिलों में सिंगल विलेज स्कीम (एसवीएस) की सभी योजनाओं की जमीनी जांच होगी.
इसे भी पढ़ें:
गुरुवार को गिरिडीह समाहरणालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिए.
बैठक में एसवीएस के तहत गांवों में चल रही पेयजल योजनाओं के भौतिक सत्यापन का निर्देश दिया गया. इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर एक संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी, जो मौके पर जाकर निर्माण की गुणवत्ता और बाधाओं की जांच करेगी. कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी.
इसके अलावा, रॉ वाटर और क्लीन वाटर राइजिंग का काम 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. समीक्षा के दौरान भुगतान लेने के बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं करने के मामलों को गंभीरता से लिया गया. सचिव अबु इमरान ने अधूरे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को तुरंत दुरुस्त करने और काम लटकाने वाले संवेदकों पर अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
अभियान निदेशक शशि रंजन ने कहा कि केवल ठेकेदारों पर ही कार्रवाई नहीं होगी. योजनाओं की निगरानी में ढिलाई बरतने वाले विभागीय अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी. उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. बैठक में विभागीय सचिव अबु इमरान, गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव, बोकारो डीडीसी शताब्दी मजूमदार और धनबाद नगर आयुक्त आशीष गंगवार समेत तीनों जिलों के अधिकारी और संवेदक मौजूद थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

