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रिनपास में दवा घोटाला, पूर्व निदेशक पर टेंडर रेट से 10 गुना से भी ज्‍यादा भुगतान का इल्‍जाम

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Ranchi : रिनपास के पूर्व निदेशक पर दवा घोटाला का आरोप लगा है. यह आरोप वर्तमान निदेशक जयति सिमलाई ने लगाया है. निदेशक ने बताया कि रिनपास में मरीजों को मिलने वाला Quetiapine(50mg) नामक दवा का टेंडर के रेट से 10 गुना से भी ज्‍यादा रेट से भुगतान किया गया. टेंडर के समय रेट 0.40 पैसे निकाला गया था, लेकिन रिनपास के पूर्व निदेशक के द्वारा 9 रुपये 40 पैसे के हिसाब से भुगतान किया गया. यह भुगतान Curofy pharmaceuticals pvt कंपनी को किया गया. यह गड़बड़ी तब सामने आई, जब रिनपास के वर्तमान निदेशक ने दवा स्टॉक की जानकारी मांगी. इसे भी पढ़ें – संदीप">https://lagatar.in/this-is-how-sandeep-thapa-became-a-notorious-criminal-of-ranchi-read/">संदीप

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दवा कंपनी को टेंडर रेट से ज्यादा पेमेंट

निदेशक जयति सिमलाई ने बताया कि 4 मई 2022 को मेरी रिनपास के निदेशक पद पर नियुक्ति हुई. उसके बाद मुझे सूचना मिली कि दवा की कमी हो रही है. इसलिए दवा कंपनी को ऑर्डर देना है. दवा का ऑर्डर देने से पहले मैंने टेंडर की ओरिजिनल कॉपी निकाल कर देखी तो उसमें काफी गड़बड़ियां सामने आई. दवा कंपनी के साथ जो टेंडर रेट है, वह रेट कम है और पेमेंट ज्यादा किया जा रहा है. इस गड़बड़ी की सूचना चीफ एडिशनल सेक्रेटरी एके सिंह को दी गई है.

मैनेजमेंट कमेटी के निर्णय के बाद होगी दवा की खरीदारी

उन्होंने कहा कि रिनपास में आने वाले सभी मरीजों के लिए दवा उपलब्ध हो, इसके लिए पहले मरीजों को 2 महीने का जो दवा मिलता था, उसे एक महीना कर दिया गया है, ताकि स्टॉक बना रहे और हर मरीज को दवा मिले. पुरानी कंपनी के साथ अभी 2 महीना का एग्रीमेंट है. पुरानी कंपनी से दवा लेनी चाहिए कि नहीं लेनी चाहिए इस पर जब तक मैनेजमेंट कमेटी का निर्णय नहीं आता है तब तक पुराने स्टॉक से ही रिनपास में काम चलाया जा रहा है.

मरीज को बाहर से खरीदना पड़ता है दवा

रिनपास में अपने पिता के लिए दवा लेने पहुंचे गया निवासी संजीत कुमार वर्मा ने बताया कि काफी दिनों से रिनपास से पिताजी का इलाज चल रहा है और यही का दवा उन्हें खिलाया जाता है. लेकिन रिनपास से जो दवा मिलता है, वह पर्याप्त नहीं होता है, इसलिए बाकी दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है, उसमें 15 सौ से 2 हजार रुपये का खर्चा हो जाता है. अगर सभी दवा यहां से मिल जाती तो हम गरीबों को थोड़ा राहत मिलता. वहीं गिरिडीह के रहने वाले जगन्नाथ महतो बताते हैं कि रिनपास से मां का इलाज पिछले 2 सालों से चल रहा है. कुछ दवा यहां से मिलता है, बाकी बाहर से खरीदनी पड़ती है. बाहर की दवा खरीदने से काफी बोझ बढ़ जाता है. इसे भी पढ़ें – सुरेंद्र">https://lagatar.in/surendra-rai-murder-case-sandeep-thapa-and-sujit-sinha-sentenced-to-life-imprisonment/">सुरेंद्र

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