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झारखंड में CRPF जवान भी नशे के कारोबार के खेल शामिल, पढ़ें क्राइम स्पेशल स्टोरी

Ranchi News: झारखंड से दूसरे राज्यों तक गांजा पहुंचाने वाले एक नेटवर्क की जांच में ऐसा कनेक्शन सामने आया है, जिसे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे कि देश की सुरक्षा में तैनात CRPF के जवान आखिर गांजा की तस्करी कैसे कर सकते हैं.
 
नशे का खेल
  • CRPF जवान कर रहे हैं गांजा की तस्करी
  • 2023 में रांची रेलवे स्टेशन से 14.5 किलो गांजा बरामद
  • 2026 में दोबारा जांच में खुला CRPF कनेक्शन
  • लातेहार में तैनाती के दौरान बनाया तस्करी का नेटवर्क
  • एक जवान ने किया सरेंडर, दूसरे की तलाश जारी

Ranchi News: झारखंड से दूसरे राज्यों तक गांजा पहुंचाने वाले एक नेटवर्क की जांच में ऐसा कनेक्शन सामने आया है, जिसे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे कि देश की सुरक्षा में तैनात CRPF के जवान आखिर गांजा की तस्करी कैसे कर सकते हैं. 

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साल 2023 में रांची रेलवे स्टेशन से पकड़ी गई 14.5 किलो गांजा की एक खेप से इस मामले की शुरुआत हुई थी. उस समय मामला दो लोगों की गिरफ्तारी और गांजा बरामदगी तक सीमित नजर आ रहा था. लेकिन केस की दोबारा समीक्षा हुई और जांच आगे बढ़ी तो धीरे-धीरे इसके पीछे काम कर रहे लोगों की कड़ियां खुलती चली गईं.

 

जांच में गांजा उपलब्ध कराने और उसे दूसरे राज्यों तक पहुंचाने वाले लोगों के नाम सामने आए. इनमें सुरक्षा बल से जुड़े लोगों की कथित भूमिका भी सामने आई. 

 

मामला वर्ष 2023 का है. RPFऔर GRP की संयुक्त टीम ने रांची रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर राजकुमार और विपिन सिंह को करीब 14.5 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था.

 

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि गांजा उन्हें बिट्टू सिंह उर्फ शशि भूषण सिंह, अमित सिंह और अभिनंदन उपलब्ध कराते थे. गांजा हरियाणा भेजा जाता था और अमित सिंह के माध्यम से वहां इसकी सप्लाई की जाती थी.

 

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. पूछताछ में सामने आए तीनों नामों को मामले में आरोपी बनाया गया और जांच आगे बढ़ाई गई.

 

मामले की 2026 में समीक्षा के दौरान रेल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने केस की फाइल की दोबारा बारीकी से जांच की. जांच आगे बढ़ने के साथ गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में CRPF जवानों की भूमिका सामने आई.

 

जांच में पता चला कि बिट्टू सिंह उर्फ शशि भूषण सिंह और अमित सिंह दोनों CRPF के जवान हैं. वर्ष 2023 में दोनों की तैनाती लातेहार जिले में थी.  इसी दौरान दोनों ने स्थानीय गांजा तस्करों से संपर्क बनाया और गांजा खरीदकर उसे झारखंड से बाहर भेजने का नेटवर्क तैयार किया.

 

रेल पुलिस की जांच के अनुसार, दोनों CRPF जवानों के साथ अभिनंदन नाम का व्यक्ति भी कथित तौर पर इस नेटवर्क में काम करता था. जांच एजेंसी ने गांजा की खरीद, उसे रेलवे के जरिए बाहर भेजने और हरियाणा में सप्लाई किए जाने के एंगल से पूरे मामले की पड़ताल की.

 

जांच के दौरान पुलिस को हरियाणा कनेक्शन की भी जानकारी मिली. इसके बाद रेल पुलिस की टीम ने अमित सिंह के हरियाणा स्थित घर पर छापेमारी की. पुलिस की कार्रवाई के बाद अमित सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया.

 

जांच में सामने आया है कि अमित सिंह मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है. वह वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में CRPF की 241वीं बटालियन में तैनात है.

 

वहीं, बिट्टू सिंह उर्फ शशि भूषण सिंह बिहार का रहने वाला बताया गया है. वर्तमान में उसकी तैनाती छत्तीसगढ़ के बाजीपुर में CRPF की 214वीं बटालियन में बताई जा रही है. दोनों जवान वर्ष 2023 में लातेहार में तैनात थे. इसी दौरान गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है.

 

अमित सिंह के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद रेल पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. वहीं बिट्टू सिंह उर्फ शशि भूषण सिंह और अभिनंदन की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

 

रेल पुलिस ने मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अब जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े थे और झारखंड से दूसरे राज्यों तक कितनी मात्रा में गांजा भेजा गया. 

 

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