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DSPMU में नॉन टीचिंग स्टाफ की हड़ताल, काला बिल्ला लगाकर किया विरोध-प्रदर्शन

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में शिक्षकेतर कर्मचारियों (नॉन टीचिंग स्टाफ) ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
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Ranchi :  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में शिक्षकेतर कर्मचारियों (नॉन टीचिंग स्टाफ) ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

 

भारी संख्या में कर्मचारी प्रशासनिक भवन के बाहर काला बिल्ला लगाकर हड़ताल पर बैठे हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. 

 

 

कर्मियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में कॉन्ट्रैक्ट के आधार नियुक्त स्टाफ का 11 महीने के लिए रिन्यूअल किया जाता रहा है. लेकिन नए कुलपति के कार्यभार संभालने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि सभी कर्मचारियों का रिन्यूअल केवल मार्च तक ही किया जाएगा. 

 

कर्मचारियों ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी का कार्यकाल दिसंबर या जनवरी में समाप्त हो रहा है, तो उसे भी सिर्फ मार्च तक ही क्यों बढ़ाया जा रहा है, जबकि पूर्व में 11 महीने का स्पष्ट प्रावधान लागू था.

 

कर्मचारियों की दूसरी प्रमुख मांग एसीपी/एमएसीपी (ACP/MACP) से जुड़ी है. उनका कहना है कि कई कर्मचारी 20, 25 और यहां तक कि 30 वर्षों से सेवा दे रहे हैं. लेकिन उन्हें आज तक प्रमोशन का लाभ नहीं मिला.

 

जुलाई 2020 से उन्हें एसीपी/एमएसीपी का लाभ मिल रहा था, जिसे अप्रैल 2025 से बंद कर दिया गया है. जबकि यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट से पारित हो चुका है.

 

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जो एरियर राशि मिली थी, उसे “अधिक भुगतान” बताते हुए प्रशासन द्वारा रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई. इसके खिलाफ कर्मचारी अदालत पहुंचे, जहां से उस पर स्टे लगा दिया गया.

 

कर्मचारियों का कहना है कि कोर्ट जाने के कारण ही प्रशासन ने एसीपी/एमएसीपी का भुगतान रोक दिया है. हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

 

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. 

 

 

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