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सरकारी नीति और नेताओं के लगातार विरोध के कारण आज तक नहीं हो सका है रातू रोड फ्लाईओवर का विकास

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पिछले पांच वर्षों से हरमू और रातू रोड फ्लाईओवर कागजों पर ही बन रहा

आज जब वेंडिंग जोन बनाकर फुटपाथ दुकानदारों को शिफ्ट कराने की बात आयी, तो फिर से नेता करने लगे विरोध

Ranchi  :   राजधानी के रातू रोड की बदहाल स्थिति आज किसी से छिपी नहीं है. एक बड़ी घनी आबादी क्षेत्र वाले रातू रोड से प्रतिदिन 20,000 से अधिक छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही होती है. सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण यहां अकसर जाम लगा रहता है. वहीं जाम लगने का एक प्रमुख कारण रातू रोड में बड़ी संख्या में फुटपाथ दुकानदारों का लगाना है. इसे लेकर हरमू और रातू रोड में फ्लाईओवर बनाने का काम पिछले पांच साल से जारी रहा. लेकिन सरकारी नीतियों व नेताओं के लगातार विरोध के कारण रातू रोड मार्ग का विकास नहीं सका है. आज भी विकास का काम पूरी तरह से कागजों तक ही सिमटा है. अब जब रांची नगर निगम ने पिस्का मोड़ में वेंडिंग जोन बनाकर यहां के फुटपाथ दुकानदारों को बसाने की योजना बनायी है, तो इसका विरोध फिर से शुरू हो गया है. विरोध करने वाले कई और नहीं बल्कि रांची के ही जनप्रतिनिधि है.

कागजों पर ही बना हरमू और रातू रोड फ्लाईओवर, केवल डीपीआर बना लेकिन काम शुरू नहीं

चार वर्षों से हरमू और रातू रोड फ्लाईओवर कागजों पर ही बन रहा है. कभी रोटरी तो कभी जमीन अधिग्रहण के कारण फ्लाईओवर का प्लान रिजेक्ट किया जाता रहा है. तीन बार तो केवल डीपीआर ही बनाया गया. दिल्ली की कंपनी रोडिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने तीसरी बार डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की. लेकिन इसमें भी जमीन का मामला आ गया. न्यू मार्केट चौक पर रोटरी बनाने के लिए 1.31 एकड़ रैयती जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया गया था. बाद में लगातार विरोध होते देख सरकारी नीतियों में ही बदलाव किया गया. सरकार ने फैसला लिया कि निर्माण में जमीन अधिग्रहण की भी जरूरत नहीं होगी. हालत यह है कि फ्लाईओवर निर्माण का काम ठंड़े बस्ते पर ही पड़ा रहा है.

चार स्मार्ट रोड बनाने के नाम पर जर्जर हुई सड़के, केवल कागज में दिखा जुडको का काम

रातू रोड इलाके में ही प्रस्तावित 4 स्मार्ट सड़क बनाने का काम भी केवल सपना ही रह गया. एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक 3 किलोमीटर लंबी सड़क, बिरसा चौक से किशोरगंज होते हुए राजभवन तक साढ़े 8 किलोमीटर तक की सड़क, राजभवन से लालपुर होते हुए कांटाटोली चौक तक 4 किलोमीटर तक की सड़क और राजभवन से बरियातू होते हुए बुटी मोड़ तक साढ़े आठ किलोमीटर तक की सड़क इस स्मार्ट सड़क का हिस्सा थी. स्मार्ट रोड बनाने के लिए राजधानी की चार सड़कों को जुडको को सौंपा गया था. लेकिन 2 साल तक सड़कों को स्मार्ट बनाने के लिए सिर्फ कागजी कार्रवाई ही होती रही. जमीन पर कुछ भी स्मार्ट काम नहीं किया गया. नतीजा यह हुआ कि 2 साल में देखरेख और मरम्मत के अभाव में सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो गईं. बाद में पथ निर्माण विभाग ने जर्जर सड़क की मरम्मति का काम शुरू किया.

अब जब फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन का टेंडर निकला, तो विरोध फिर से शुरू

रातू रोड में फुटपाथ दुकानदारों को स्थायी तौर पर बसाने के लिए रांची नगर निगम ने पिस्का मोड़ में वेंडिन जोन बनाने का फैसला किया है. इसके बनने से कई फुटपाथ दुकानदारों को स्थायी ठिकाना मिल जाएगा. इससे रातू रोड में सड़क जाम की समस्या से काफी हद तक मुक्ति मिल जाएगी. लेकिन अब रांची के दो जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. रांची विधायक सीपी सिंह ने यह कह कर इसका विरोध किया है कि वेंडिंग जोन वाली जमीन मंदिर को दान स्वरूप मिली है. ऐसे में वेंडिग जोन का निर्माण हिन्दुओं की भावना से खिलवाड़ करना होगा. वहीं मेयर आशा लकड़ा ने यह कहकर विरोध जताया कि वेडिंग जोन बनाने को लेकर निगम स्थायी कमिटी में कोई निर्णय नहीं हुआ है. निगम को 15वें वित्त आयोग के तहत जो फंड आवंटित हुआ है, उसका गलत उपयोग राज्य सरकार कर रही है.

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