Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

लांपुग अंचल में लैंड रिकॉर्ड के अभाव में 9697 खातों में मात्र 3661 का ही रिकॉर्ड ऑनलाइन

Ranchi: झारखंड में जमीन से जुड़े मामलों की पेचीदगी राज्य गठन के 25 साल बाद भी खत्म नहीं हो पाई है. राजधानी रांची के लांपुग अंचल की स्थिति इस समस्या की गंभीरता को उजागर करती है, जहां हजारों रैयत आज भी अपने ही जमीन के रिकॉर्ड के लिए परेशान हैं. वहीं दूसरी ओर सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है. इसका लाभ जमीन दलाल भी उठा रहे हैं.


लांपुग अंचल में कुल 9697 खातों में से महज 3561 खातों की ही ऑनलाइन इंट्री हो सकी है, जबकि 6136 खाते अब भी ऑफलाइन हैं. जमीन के सही लैंड रिकॉर्ड के अभाव में रैयतों को ऑनलाइन लगान भुगतान करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.


राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पुराने खातों के दस्तावेज अंचल कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं और जो अभिलेख मौजूद हैं, वे भी जर्जर अवस्था में हैं. यही वजह है कि लांपुग अंचल में जमीन के डिजिटलाइजेशन का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है.


स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है, जब जिन रैयतों के पास अपने जमीन के दस्तावेज मौजूद हैं, उनका भी रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है. विभाग की ओर से ऐसे मामलों में दस्तावेजों के सत्यापन और मैनुअल प्रक्रिया के जरिए ऑनलाइन प्रविष्टि करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया अधूरी पड़ी है.


इस अव्यवस्था के कारण किसान समय पर लगान जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही