- हजारों परिवार अब भी नल के पानी से वंचित
Dumka : शहरवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2008 में शुरू की गई दुमका शहरी जलापूर्ति योजना आज भी अपने लक्ष्य से काफी दूर है.करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के हजारों घरों तक अब तक नल का पानी नहीं पहुंच पाया है. कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाए जाने के बाद भी लोगों को पर्याप्त जलापूर्ति नहीं मिल रही, जिससे गर्मी के मौसम में परेशानी और बढ़ गई है.
इस योजना के तहत मयूराक्षी नदी से पानी लेकर उसे शुद्ध करने के लिए कुरुवा गांव में जल शोधन संयंत्र स्थापित किया गया था. इसके बाद शहर के घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था बनाई गई.
हालांकि वर्षों बीत जाने के बाद भी शहर के बड़ी संख्या में परिवार इस सुविधा से वंचित हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्र के 11 हजार से अधिक घरों में से करीब चार हजार घरों तक अब तक जल कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है.
शिवपहाड़, रसिकपुर और लीची बगान जैसे कई इलाकों में पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन पानी की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि तकनीकी खामियों और गलत तरीके से पाइपलाइन बिछाने के कारण पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रहा. कई परिवारों को सप्ताह में केवल दो-तीन दिन ही बेहद कम मात्रा में पानी मिल पाता है.
कॉलेज रोड क्षेत्र का कहना है घर तक नियमित पानी नहीं पहुंचता। वहीं शिवपहाड़ इलाके के लोगों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है.नगर परिषद के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि शहर के कुछ हिस्सों में पेयजल संकट बना हुआ है. प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. दूसरी ओर जिला प्रशासन खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत में भी जुटा हुआ है, ताकि लोगों को गर्मी में पेयजल संकट से राहत मिल सके.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment