Dumka : दुमका बंदोबस्त कार्यालय में मंगलवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक भूमि विवाद मामले में दिए गए आदेश से नाराज पक्ष के लोगों ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (एएसओ) मनोज कुमार पर पक्षपात और अनियमितता का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. आक्रोशित लोग एएसओ को उनके कार्यालय से लेकर सीधे प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पहुंच गए.
मामले की जानकारी मिलने पर आयुक्त के सचिव अमित कुमार ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में पूरे प्रकरण की समीक्षा की. उन्होंने संबंधित भूमि विवाद से जुड़े सभी दस्तावेज और अभिलेख तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा सके.
इधर, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने सुकरी देवी, उनकी पुत्री डोली कुमारी समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है.
2018 से चल रहा है भूमि विवाद
जानकारी के अनुसार, महागामा क्षेत्र के मझौना मौजा स्थित भूमि को लेकर आपत्तिवाद संख्या 824/2018 कई वर्षों से लंबित था. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्हें मामले की जानकारी अंतिम चरण में दी गई और नोटिस मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय में अपना पक्ष रखा. इसके बावजूद मार्च 2026 में उनके खिलाफ आदेश पारित कर दिया गया.
फैसले पर उठाए सवाल
सुकरी देवी और उनके परिवार का आरोप है कि विवादित भूमि के रिकॉर्ड में बाहरी लोगों का नाम दर्ज कर दिया गया है. उनका कहना है कि मामले में पर्याप्त सुनवाई नहीं हुई और आदेश की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई. इसी वजह से वे बंदोबस्त कार्यालय पहुंचे थे.
आदेश की प्रति मांगने पर बढ़ा विवाद
परिजनों के अनुसार, जब उन्होंने मामले से जुड़े दस्तावेज और आदेश की प्रति मांगी तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. इसी बात को लेकर कार्यालय में विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
जांच के निर्देश
प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच कराने का निर्देश दिया है. वहीं, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. भूमि विवाद और कार्यालय में हुए हंगामे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
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