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पूर्वी चंपारण : कस्तूरबा स्कूल के खाने में छिपकली, छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, जांच शुरू

पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मंगलवार रात छात्राओं को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने के बाद कई बच्चियों की तबीयत खराब हो गई. खाना खाने के कुछ देर बाद उन्हें पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी.
 
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Bihar : पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मंगलवार रात छात्राओं को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने के बाद कई बच्चियों की तबीयत खराब हो गई. खाना खाने के कुछ देर बाद उन्हें पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी.

 

विद्यालय प्रशासन ने तुरंत बीमार छात्राओं को संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया. डॉक्टरों के मुताबिक, सभी छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर है. हालांकि छह छात्राओं को एहतियात के तौर पर अस्पताल में निगरानी में रखा गया है. जबकि बाकी छात्राओं को इलाज के बाद घर भेज दिया गया.

 

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जानकारी के अनुसार, रात का भोजन परोसते समय खाने में छिपकली दिखाई दी. इसके बाद खाना परोसना बंद कर दिया गया. हालांकि तब तक कई छात्राएं भोजन कर चुकी थीं. खाना खाने के कुछ समय बाद कई बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को घटना की सूचना दी गई.

 

घटना के समय विद्यालय में कुल 73 छात्राएं मौजूद थीं. जबकि विद्यालय में 87 छात्राएं नामांकित हैं. बताया गया कि वार्डन छुट्टी पर थीं. घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गया और मामले की जांच शुरू कर दी है.

 

प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि भोजन में छिपकली कैसे पहुंची और भोजन बनाने या परोसने के दौरान कहीं लापरवाही तो नहीं हुई. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. अगर जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

 

साथ ही सभी विद्यालयों में खाद्य सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए जाएंगे. इधर इस घटना के बाद अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है. उन्होंने आवासीय विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की नियमित जांच कराने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. 

 

 

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