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अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज का सीएम को पत्र, झारखंड में शिक्षकों की भारी कमी पर जताई चिंता

देश के जाने-माने अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़ और एलिना होरो ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की गंभीर कमी को लेकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है.
 

Ranchi: देश के जाने-माने अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़ और एलिना होरो ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की गंभीर कमी को लेकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है.

 

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पत्र में कहा गया है कि झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति बेहद चिंताजनक है. सरकार के ही यूडीआईएसई+ (UDISE+) आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 में राज्य के लगभग 30 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे थे. यह स्थिति Right to Education Act, 2009 का सीधा उल्लंघन है, जिसमें हर प्राथमिक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की अनिवार्यता तय की गई है.


पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थिति में सुधार के बजाय लगातार गिरावट आई है. यूडीआईएसई+ रिपोर्ट के अनुसार, एकल शिक्षक विद्यालयों की संख्या 2022-23 में 7,642 से बढ़कर 2024-25 में 9,172 हो गई, जो दो वर्षों में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि को दर्शाती है.

 

ज्यां ने अपने पत्र में केंद्र सरकार के एक पूर्व जवाब का हवाला देते हुए बताया कि झारखंड में लगभग एक लाख शिक्षकों के पद खाली हैं. उनका कहना है कि हाल के वर्षों में कुछ नियुक्तियां होने के बावजूद, निर्धारित मानकों के अनुसार शिक्षकों की भारी कमी अब भी बनी हुई है.

 

पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शिक्षकों की कमी का सबसे अधिक असर आदिवासी, दलित और अन्य वंचित समुदायों के बच्चों पर पड़ रहा है, जो मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं.अर्थशास्त्रियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक व्यापक और तेज अभियान चलाया जाए और Right to Education Act, 2009 के सभी प्रावधानों का जल्द से जल्द पालन सुनिश्चित किया जाए.

 

 

 

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