Ranchi: ग्रामीण विकास टेंडर घोटाले में ईडी के आरोपी को निगरानी (तकनीकी सेल) में पदस्थापित कर रखा है. इस सेल में पदस्थापित इंजीनियरों का काम निर्माण कार्यों में हुई गड़बड़ी की जांच करना है. इंजीनियर का नाम सिद्धांत कुमार है.
ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में कमीशनखोरी के मामले में दायर पांचवे आरोप पत्र(Prosecution Complain) में जिन 14 इंजीनियरों के आरोप पत्र दायर किया है, उसमें सिद्धांत कुमार का नाम भी शामिल है. ईडी ने सिद्धांत कुमार पर कमीशनखोरी में शामिल होने का आरोप लगाया है. ईडी के आरोप पत्र में कहा गया कि सिद्धांत कुमार ग्रामीण विकास विभाग में सहायक अभियंता के रूप में पदस्थापित थे.
अगस्त 2021 से जनवरी 2023 तक वे रांची,खूंटी,गुमला,सरायकेला,जमशेदपुर और चाईबासा प्रमंडलों में कार्यरत रहे हैं. ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत रहने के दौरान उन्होंने मुख्य अभियंता विरेंद्र राम के निर्देश पर 9-10 बार कमीशन की वसूली की है. उन्होंने कमीशन का 1.40-1.50 करोड़ रुपये वसूल कर मुख्य अभियंता के कार्यालय में पहुंचाया है. इसमें से 50-60 लाख रुपये उन्होंने मुख्य अभियंता के करीबी राम पुकार राम को दिया था. ठेकेदार राजेश कुमार ने 4.17 करोड़ रुपये के टेंडर में सिद्धांत कुमार को 16 लाख रुपये कमीशन देने की बात स्वीकार की है.
सिद्धांत कुमार ने ठेकेदार द्वारा कमीशन के रूप में पैसा दिये जाने की घटना को स्वीकार किया. हालांकि उन्होंने कमीशन की इस रकम को विरेंद्र राम का बताया. सिद्धांत कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए ईडी को बताया कि ठेकेदार राजेश कुमार रुपयों से भरा बैग लेकर उनके कार्यालय में पहुंचा.
राजेश ने बैग उन्हें दिया और विरेंद्र राम से बात करने को कहा. सिद्धांत कुमार बैग लेकर विरेंद्र राम के पास गये.
विरेंद्र राम ने उन्हें बैग रखने और बाद में देने का निर्देश दिया. सिद्धांत कुमार ने ईडी को यह जानकारी दी कि एक टेंडर में सिर्फ दो ही बिडर थे. बाद में यह टेंडर राजेश अग्रवाल को दे दिया गया. सिद्धांत कुमार अब कार्यपालक अभियंता में प्रोन्नत हो चुके हैं और निगरानी मंत्रिमंडल की तकनीकी शाखा में पदस्थापित हैं.
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