Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक के तत्कालीन मैनेजर मनोज कुमार और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोप पत्र(Prosecution Complain) दायर किया. मैनेजर पर बैंक के 440 ग्राहकों के खातों में हेराफेरी कर 5.40 करोड़ की गड़बड़ी के आरोप में ईडी ने अब तक की जांच के दौरान जालसाजी के पैसों से अर्जित 97.92 लाख रुपये संपत्ति जब्त कर ली है.
ईडी ने मामले की जांच में पाया कि तत्कालीन मैनेजर मनोज कुमार ने बैंक की तीन शाखाओं(फुलबांगा, साहिबगंज,पीबीबी साहिबगंज) में ग्राहकों के डेबिट कार्ड में हेराफेरी कर अनाधिकृत रूप से 2.48 करोड़ रुपये की निकासी की. इसके अलावा बरहेट बाजार स्थित ब्रांच के ग्राहकों के डेबिट कार्ड में हेराफेरी कर 89.90 लाख रुपये की निकासी की. इस बैंक अधिकारी ने शिकारी पाड़ा ब्रांच के 440 ग्राहकों के बैंक खाते में हेराफेरी की. जिन खातों में हेराफेरी की गयी उसमें लोन अकाउंट, पेंशन अकाउंट, सेविंग अकाउंट, कैश क्रेडिट अकाउंट और KCC लोन अकाउंट शामिल है.
मनोज कुमार ने इन खातों से 1.05 करोड़ रुपये की गलत तरीके से निकासी की गयी. 5.40 करोड़ रुपये की राशि को कागजी NGO सहित पारिवारिक सदस्यों के खातों का इस्तेमाल करते हुए नीतू कुमारी के नाम पर संपत्ती खरीदी गयी. नीतू कुमारी, बैंक मैनेजर मनोज कुमार की पत्नी है. जालसाजी कर निकाले गये पैसों के नीतू कुमारी के नाम पर साहिबगंज के सागर कॉलोनी में मकान बनाया गया.
मकान बनाने के लिए सागर कॉलोनी में नीतू कुमारी के नाम पर जमीन खरीदी गयी. जमीन और मकान की लागत 45.75 लाख रुपये आंकी गयी है. मनोज कुमार ने भी जालसाजी के निकाले पैसों से अपने नाम पर पटना में बेली रोड स्थित सुबोध पैलेस में फ्लैट नंबर B-1 और फ्लैट नंबर C-1 खरीदी. ईडी ने पति-पत्नी के नाम पर खरीदी गयी संपत्ति जब्त कर ली है.
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