Lagatar Desk : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी और रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की 15 टीमें आज सुबह-सुबह 10 से 12 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
यह कार्रवाई कथित बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े लोगों के खिलाफ की जा रही है. ईडी की टीमें कंपनी से जुड़े कई ठिकानों और संबंधित लोगों के परिसरों की तलाशी ले रही हैं.
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी बैंक लोन से जुड़े लेन-देन और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है. फिलहाल छापेमारी जारी है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
ED is conducting raids on companies associated with Anil Ambani and Reliance Power. Action is currently underway at 10 to 12 locations. 15 ED teams carried out raids early this morning. The searches are being conducted against people linked to Reliance Power Limited: Officials
— ANI (@ANI) March 6, 2026
CBI की दो FIR के बाद खुली जांच की परतें
बता दें कि कथित बैंक लोन धोखाधड़ी मामला तब सामने आया, जब CBI ने दो प्राथमिकियां दर्ज कीं, जिसमें धोखाधड़ी, गबन और बैंकों से फर्जी तरीके से लोन लेने के आरोप लगाए गए हैं.
इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की. ईडी जांच का फोकस उन लोन पर है, जो 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने अनिल अंबानी की कंपनियों को दिए थे, जिसमें भारी अनियमिताएं सामने आयीं.
ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया कि एक संगठित और सुनियोजित योजना के तहत बैंक, निवेशक और सरकारी संस्थानों को धोखा दिया गया.
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बैकडेट से तैयार किए गए दस्तावेज
सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी (RAAGA) ग्रुप को बिना उचित मूल्यांकन के कर्ज मंजूर कर दिए.
जांच में सामने आया कि कर्ज मंजूरी से पहले ही कुछ रकम कथित तौर पर निजी कंपनियों के माध्यम से बैंक अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी. यह भी पाया गया कि क्रेडिट अप्रूवल मेमोरैंडम (CAM) जैसे दस्तावेज बैकडेट में तैयार किए गए.
साथ ही लोन अप्रूवल में किसी क्रेडिट एनालिसिस या ड्यू डिलिजेंस का पालन नहीं हुआ. इसके अलावा एक ही पते, डायरेक्टर और कमजोर बैलेंस शीट वाली शेल कंपनियों को लोन ट्रांसफर किया गया और कई मामलों में लोन की राशि पहले ट्रांसफर हो चुकी थी, अप्रूवल बाद में हुआ.
RHFL में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, SEBI ने खोला राज
इस मामले में SEBI ने भी ED के साथ RHFL (Reliance Home Finance Limited) से जुड़ी जानकारी साझा की है. रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 में RHFL ने 3,742.60 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट लोन दिए, 2018-19 में यह बढ़कर 8,670.80 करोड़ रुपये हो गया.
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