Lagatar Desk
Ranchi : इंफोर्समेंट डाइरेक्टोरेट (ईडी) की दिल्ली टीम ने गुरुवार को इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता स्थित कार्यालय में छापेमारी शुरु की है. इस छापेमारी ने राजनीतिक हलकों में गहमागहमी बढ़ा दी है. छापेमारी की सूचना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आइ-पैक के दफ्तर पहुंच गयी.
High drama in Kolkata: Mamata vs ED as agency searches IPAC offices, Bengal CM blames HM Shah calls him "Nasty"
— ANI Digital (@ani_digital) January 8, 2026
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उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के दस्तावेज की चोरी की जा रही है. सूत्रों ने बताया है कि ईडी की यह कार्रवाई एक पुराने कोयला चोरी के मामले में की जा रही है. जिसे लेकर दिल्ली में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. ईडी की टीम बुधवार की रात को ही कोलकाता पहुंच गयी थी.
उल्लेखनीय है कि आइ-पैक राजनीतिक दलों के लिए रणनीति बनाने वाली देश की सबसे बड़ी संस्था है. इसके प्रमुख प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे.
जानकारी के मुताबिक ईडी ने पश्चिम बंगाल आइ-पैक के प्रमुख प्रतीक सिन्हा के आवास पर भी छापेमारी की है. वह संस्था के सह संस्थापक हैं. छापेमारी में डिजिटल साथ्य मिलने की सूचना है.
ईडी जिस मामले में छापेमारी कर रही है, वह वर्ष 2021 का है. ईसीएल में कोयला तस्करी को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसी मामले में मनी लांड्रिंग की जांच के दौरान ईडी को I-PAC दफ्तर और प्रतीक जैन से जुड़े कुछ दस्तावेज मिले थे. इसी वजह से उनके यहां छापेमारी की जा रही है.
कोयला तस्करी का यह पूरा मामला आसनसोल के कुनुस्टोरिया और कजोरा क्षेत्र का है. जहां से अवैध कोयला खनन, चोरी और तस्करी की जांच चल रही है. वर्ष 2020 में इस मामले में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई की जांच में पता चला था कि वर्ष 2015-20 के बीच करीब 36 लाख मीट्रिक टन कोयला की अवैध तस्करी की गई. जिससे सरकार को 1340 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ.
इस मामले में अनूप मांझी, टीएमसी के नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का करीबी विनय मिश्रा, गुरुपद माजी अभियुक्त हैं. इसी मामले में सीबीआई ने अभिषेक बनर्जी, उनकी पत्नी रुजिरा से पूछताछ की थी. इस मामले में कुछ आईएएस, आइपीएस अधिकारी और उनकी संपत्ति की भी जांच की जा रही है.
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