Ranchi : छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 6 जुलाई को रांची में छात्र-युवाओं का विशाल मार्च व राजभवन घेराव करने की घोषणा की. संगठन ने कहा कि यह प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक पर रोक, क्लस्टर सिस्टम को वापस लेने, लंबित भर्तियां शुरू करने और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आयोजित किया जाएगा.
आइसा नेताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 14 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन धरने और पिछले छह दिनों से पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के साथ जारी भूख हड़ताल के प्रति संगठन अपनी एकजुटता व्यक्त करता है. उनका कहना था कि देशभर के छात्र-युवा बेहतर भविष्य, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
संगठन ने झारखंड में फीस वृद्धि, शिक्षा के निजीकरण और नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि यह व्यवस्था सेल्फ-फाइनेंस मॉडल और ऋण आधारित शिक्षा को बढ़ावा देती है तथा छात्रों की विषय चयन की स्वतंत्रता सीमित करती है.

आइसा का दावा है कि इससे ग्रामीण, महिला, आदिवासी, दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच प्रभावित होगी. संगठन ने क्लस्टर सिस्टम को तत्काल वापस लेने की मांग की.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया गया. संगठन ने कहा कि विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. झारखंड में भी जेएसएससी सीजीएल, जेपीएससी-जेईटी, जेएसएससी जेई, कांस्टेबल भर्ती तथा जैक 10वीं बोर्ड परीक्षा सहित कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं. आइसा ने पेपर लीक पर कठोर कानून बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
आइसा ने राज्य में लंबित सरकारी भर्तियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जेएसएससी जेई, एलडीसी/क्लर्क, सहायक आचार्य, माध्यमिक आचार्य, उत्पाद सिपाही, कारापाल, पुलिस कांस्टेबल, जेपीएससी और जेटेट सहित कई भर्ती प्रक्रियाएं वर्षों से लंबित हैं. संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार से सभी रिक्त पदों पर समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की.
संगठन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है. आइसा ने एनटीए की जवाबदेही तय करने और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ, राष्ट्रीय ओबीसी छात्र मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश चौधरी, एसएफआई के फैज़ान खान, आइसा के जिला अध्यक्ष विजय कुमार, जिला सचिव संजना मेहता और सोनाली केवट ने संबोधित किया. इस अवसर पर सत्यप्रकाश कुमार, रोहित कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे.


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