Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. विश्वविद्यालय का प्रस्ताव अमेरिका के प्रतिष्ठित फुलब्राइट स्पेशलिस्ट प्रोग्राम 2026–27 के लिए चयनित हुआ है.
यह कार्यक्रम यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन (USIEF) द्वारा संचालित किया जाता है, जिसका उद्देश्य विश्वभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा, शोध और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना है.चयनित परियोजना का विषय 21वीं सदी के लिए शिक्षक शिक्षा : पाठ्यक्रम में बदलाव, साक्ष्य-आधारित शिक्षण पद्धति और झारखंड में शिक्षक शिक्षा की क्षमता का विकास है.
इस परियोजना के तहत अमेरिका के एक प्रतिष्ठित शिक्षा विशेषज्ञ को 30 दिनों के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड आमंत्रित किया जाएगा. विशेषज्ञ विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के साथ मिलकर कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शैक्षणिक संवाद और शोध गतिविधियों में भाग लेंगे.
इस परियोजना के माध्यम से विश्वविद्यालय में संचालित बी.एड., एकीकृत बी.ए.-बी.एड. तथा एकीकृत बी.एससी.-बी.एड. पाठ्यक्रमों को अधिक आधुनिक, प्रभावी और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और अंतरराष्ट्रीय शिक्षण पद्धतियों के अनुरूप पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे. साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, शोध को बढ़ावा देने, नई शिक्षण तकनीकों के उपयोग, एक्शन रिसर्च, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और समाज से जुड़ी विस्तार गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा.
विश्वविद्यालय का मानना है कि इस परियोजना से शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा शिक्षक-शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों को लाभ मिलेगा. इसके साथ ही झारखंड में शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और राज्य के शैक्षणिक वातावरण को नई मजबूती मिलेगी.
यह परियोजना विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ काम करने और वैश्विक अनुभवों से सीखने का अवसर भी प्रदान करेगी.इस प्रस्ताव की परिकल्पना, तैयारी और प्रस्तुति शिक्षा विभाग के प्रो. तपन कुमार बसंतिया के नेतृत्व में की गई. उन्होंने परियोजना के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के रूप में पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व किया. वहीं शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. एम. रामकृष्ण रेड्डी ने सह-समन्वयक (को-कोऑर्डिनेटर) के रूप में प्रस्ताव तैयार करने और उसे विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
इस उपलब्धि पर प्रो. तपन कुमार बसंतिया ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुलपति प्रो. सारंग मेढ़ेकर के दूरदर्शी नेतृत्व, कुलसचिव के. के. राव के प्रशासनिक सहयोग तथा विश्वविद्यालय के सभी वैधानिक व प्रशासनिक अधिकारियों के निरंतर समर्थन से यह सफलता संभव हो सकी.
केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड ने USIEF का भी आभार व्यक्त किया है. विश्वविद्यालय ने विश्वास जताया कि इस अंतरराष्ट्रीय परियोजना के सफल क्रियान्वयन से शिक्षक शिक्षा, शोध, पाठ्यक्रम विकास, नवाचार और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे. साथ ही विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा झारखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा को नई दिशा मिलेगी.
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