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Education News : RU में मानसिक तनाव से जूझ रहे छात्रों के लिए बना 'हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर'

पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, सेमेस्टर के दबाव, पारिवारिक समस्याओं और सोशल मीडिया की बढ़ती लत के बीच छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रांची विश्वविद्यालय ने 'हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' की शुरुआत की है
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झारखंड की खबरें

Ranchi : पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, सेमेस्टर के दबाव, पारिवारिक समस्याओं और सोशल मीडिया की बढ़ती लत के बीच छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रांची विश्वविद्यालय ने 'हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' की शुरुआत की है. यह केंद्र छात्रों को मानसिक तनाव, अवसाद और अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं से उबरने में मदद कर रहा है.

 

सेंटर के निदेशक एवं रांची विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. परवेज हसन ने बताया कि इस केंद्र की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को की गई थी. अब तक 72 से 75 छात्र और अन्य लोग यहां की सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं.

 

सप्ताह में तीन दिन सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआईपी) के प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक छात्रों की काउंसलिंग करते हैं, जबकि अन्य दिनों में विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ यह जिम्मेदारी निभाते हैं.उन्होंने बताया कि केंद्र में छात्रों की समस्याओं को पूरी गोपनीयता के साथ सुना जाता है. यहां किसी भी प्रकार की दवा नहीं दी जाती, बल्कि विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग के माध्यम से तनाव और मानसिक परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जाता है.

 

प्रो. हसन के अनुसार, आज के समय में परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता, पारिवारिक तनाव और सोशल मीडिया व मोबाइल गेमिंग की लत छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सबसे अधिक प्रभावित कर रही है. उन्होंने कहा कि परिवारों में संवाद कम होने से भी मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं. ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर अभिभावकों को भी बुलाकर काउंसलिंग की जाती है और उन्हें बच्चों के साथ अधिक समय बिताने की सलाह दी जाती है.

 

हाल के छात्र आत्महत्या और बुलिंग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षित काउंसलर होना समय की आवश्यकता है. शिक्षकों और अभिभावकों को भी छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

 

इस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं. सेंटर का संचालन सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालय पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता.

 

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा के मार्गदर्शन में भविष्य में इस केंद्र में मेडिकल डॉक्टरों की सेवाएं भी शुरू की जाएंगी. साथ ही, 'आर्ट ऑफ लिविंग' के प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्र मानसिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें.

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