Ranchi :क्लस्टर सिस्टम उच्च शिक्षा विभाग द्वारा झारखंड के विश्वविद्यालयों में लागू करने की तैयारी के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. इसी दौरान आज नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की ओर से रांची विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए और सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि क्लस्टर सिस्टम लागू करने से पहले न तो छात्रों से राय ली गई और न ही शिक्षकों से कोई फीडबैक लिया गया. अचानक नोटिफिकेशन जारी कर नई व्यवस्था लागू करने की बात कही गई, जिससे छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि रांची विश्वविद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं की समस्या और लेट सेशन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है. ऐसे में क्लस्टर सिस्टम लागू करना छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा होगा.
छात्रों ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत पहले ही विद्यार्थियों को कई विषयों की पढ़ाई करनी पड़ रही है. अब क्लस्टर सिस्टम लागू होने से उन्हें अलग-अलग कॉलेजों में जाकर कक्षाएं करनी पड़ सकती हैं, जिससे परेशानी और बढ़ेगी.
छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि रांची विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं. ऐसे छात्रों के लिए एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज तक आना-जाना आसान नहीं होगा. परिवहन व्यवस्था की समस्या भी एक बड़ा मुद्दा है.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय पहले बुनियादी सुविधाओं में सुधार करे, शिक्षकों की कमी दूर करे और शैक्षणिक सत्र नियमित करे. इसके बाद ही किसी नई व्यवस्था को लागू करने पर विचार किया जाए.
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा मौके पर पहुंचीं और छात्रों से बातचीत की. उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और चिंताओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा.
कुलपति डॉ. सरोज शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के हितों को प्राथमिकता देता है. फिलहाल लंबित परिणामों को तेजी से जारी करने और सत्र को नियमित करने की दिशा में काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों और शिक्षकों की जो भी चिंताएं हैं, उन्हें सरकार और संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा तथा छात्र हित में जो बेहतर होगा, उसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा.
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