Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Education News  : RU के जनजातिय विभाग के हो भाषा का चार साल बाद भी नहीं आया रिजल्ट

रांची विश्वविद्यालय के जनजातिय भाषा विभाग में हो भाषा का रिजल्ट चार साल बाद भी प्रकाशित नहीं हो पाई है
Advertisement
Advertisement

Ranchi :  रांची विश्वविद्यालय के जनजातिय भाषा विभाग में हो भाषा का रिजल्ट चार साल बाद भी प्रकाशित नहीं हो पाई है.इस दौरान शिक्षकों ने बताया कि हो भाषा विभाग में अस्सिटेंट प्रोफेसर की सात पदों को लेकर 2017 -2018 में जेपीएससी द्वारा परीक्षा ली गई थी.

 

वहीं 2022 में इस भाषा को लेकर साक्षात्कार भी लिए गए है.चार साल बीतने जा रहे है.लेकिन रिजल्ट प्रकाशित नही किए गए.इससे पूर्व भी 2007-2008 में चार पदों के लिए विज्ञापन निकाली गई,लेकिन रिजल्ट जारी नहीं की गई. 

 

 

रांची विश्वविद्यालय में 1981 में शुरू हुई थी जनजातिय भाषाओं की पढ़ाई और क्षेत्रिया भाषा की पढ़ाई 1980-81 में शुरू की गई.इस भाषाओ में दूसरे कॉलेज की प्रोफेसर की प्रतिनियुक्ति की गई थी.इस दौरान मुंडारी, नागपुरी, कुडुख, कुरमाली औऱ संथाली भाषाओं के शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर लाए गए थे.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही