Ranchi : झारखंड में एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति को लेकर शनिवार को आदिवासी छात्र संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक रैली निकालकर छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के इस्तीफे की मांग की.
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पिछले डेढ़ से चार वर्षों से हजारों छात्रों को छात्रवृत्ति भुगतान नहीं हुआ है. उनका कहना है कि छात्रवृत्ति उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा जारी रखने का प्रमुख आधार है.

छात्रों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों को बकरी, मुर्गी और धान तक बेचने पड़े हैं, जबकि कई छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ रेस्टोरेंट में काम करने, घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन धोने जैसे कार्य करने को मजबूर हैं. एक छात्रा ने बताया कि वह दोपहर तक कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद रात तक रेस्टोरेंट में काम करती है और फिर घर लौटकर पढ़ाई करती है.
आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच फंड को लेकर होने वाला विवाद छात्रों की जिम्मेदारी नहीं है. उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार केंद्र से समन्वय कर जल्द से जल्द लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित करे.
छात्रों ने आरोप लगाया कि कल्याण मंत्री चमरा लिंडा द्वारा बार-बार कुछ समय में छात्रवृत्ति जारी करने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. छात्रों का कहना है कि वर्ष 2024, 2025 और 2026 के कई विद्यार्थियों को भी अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिली है.
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण कई विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है.


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