Ranchi : झारखंड में लागू किए जा रहे ‘क्लस्टर सिस्टम’ के विरोध में सोमवार को डोरंडा कॉलेज के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया. आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर दिया और सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए क्लस्टर सिस्टम को तुरंत वापस लेने की मांग की.

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि क्लस्टर सिस्टम छात्रों के हित में नहीं है और इससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होगी. छात्रों ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग कॉलेजों को सीमित विषय दिए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपनी पसंद के विषयों की पढ़ाई के लिए दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ेगा.
छात्रों ने कहा कि अधिकतर विद्यार्थी अपने घर के नजदीक कॉलेज में नामांकन लेते हैं, लेकिन क्लस्टर सिस्टम लागू होने के बाद उन्हें अलग-अलग कॉलेजों के चक्कर लगाने पड़ेंगे. इससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होगी. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने इस नियम को छात्र विरोधी और महिला विरोधी बताया. छात्राओं का कहना था कि अलग-अलग कॉलेजों में जाकर पढ़ाई करना उनके लिए सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी नई समस्याएं खड़ी करेगा. उनका आरोप था कि इससे कई छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है.
छात्रों ने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) में बहुविषयक शिक्षा और विषय चयन की स्वतंत्रता की बात कही गई है, जबकि क्लस्टर सिस्टम इसके बिल्कुल उलट है. छात्रों के अनुसार यह व्यवस्था शिक्षा को आसान बनाने के बजाय और जटिल बना रही है.

धरना प्रदर्शन के दौरान सड़क पर कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि क्लस्टर सिस्टम वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा अन्य कॉलेजों के छात्र भी इसमें शामिल होंगे.
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