Ranchi : शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के विरोध में शनिवार को मारवाड़ी महाविद्यालय शिक्षक संघ की बैठक कॉलेज परिसर में हुई. बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट डॉ. अवध बिहारी महतो ने की.
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 मई को मारवाड़ी महाविद्यालय, रांची में शिक्षक काला पट्टी लगाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे. शिक्षकों ने अधिसूचना को छात्रहित और नई शिक्षा नीति के विपरीत बताते हुए नाराजगी जताई.
वरीय प्राध्यापक डॉ. शहाबुद्दीन ने कहा कि यह अधिसूचना छात्रहित के खिलाफ है. रांची विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने कहा कि इस मामले में छात्रहित में आवश्यक कदम उठाया जायेगा. उन्होंने इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप नहीं बताया. वहीं, डॉ. शुभांकर आइच ने कहा कि यह व्यवस्था नई शिक्षा नीति लागू होने से पहले तक तो ठीक थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उपयुक्त नहीं है.
संयुक्त सचिव डॉ. घनश्याम प्रसाद ने कहा कि यह नियम झारखंड के गरीब और ग्रामीण बच्चों को उच्च शिक्षा से दूर करने वाला साबित होगा. डॉ. सीमा चौधरी ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति रुचि कम होगी और उनके अवसर सीमित होंगे.
बैठक में लेफ्टिनेंट डॉ. अवध बिहारी महतो ने कहा कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले महाविद्यालयों में संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था, छात्र-छात्राओं के आवागमन और आवास की सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए. शिक्षकों ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
शिक्षकों ने मांग की है कि मारवाड़ी महाविद्यालय, जहां रांची विश्वविद्यालय के सबसे अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, उसे विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए. उनका कहना था कि सरकार व्यवस्था मजबूत करने के बजाय अवसरों को सीमित करने का काम कर रही है.
बैठक के अंत में डॉ. राहुल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर संतोष रजक, जयप्रकाश रजक, डॉ. राहुल कुमार, रोनाल्ड पंकज खलखो, डॉ. अमित कुमार, डॉ. खातिर हेमरोम, जुरा होरो, संगीता तिग्गा, डॉ. सुमंती तिर्की, डॉ. राजू मांझी, मोहम्मद तौशिफ, डॉ. प्राची प्रसाद, मीरा साहू, डॉ. राकेश सिंहा, डॉ. अंजना कुमारी समेत कई शिक्षक मौजूद थे.
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